Madhubani News : बिस्फी के तत्कालीन एमओ पर लगा 25 हजार रुपये का अर्थदंड
Published by : GAJENDRA KUMAR Updated At : 20 Nov 2025 10:15 PM
बिस्फी प्रखंड के आपूर्ति पदाधिकारी को आरटीआइ अधिनियम के तहत मांगी गयी सूचना नहीं देने पर 25 हजार रुपये का दंड लगाया गया है.
बेनीपट्टी. बिस्फी प्रखंड के आपूर्ति पदाधिकारी को आरटीआइ अधिनियम के तहत मांगी गयी सूचना नहीं देने पर 25 हजार रुपये का दंड लगाया गया है. साथ ही उन पर विभागीय कार्रवाई की भी गाज गिरी है. बिस्फी प्रखंड के जगवन निवासी विजय कुमार श्रीवास्तव ने 18 मार्च 2018 को तत्कालीन लोक सूचना पदाधिकारी सह एमओ अमर शर्मा से सूचना अधिकार अधिनियम 2005 के अंतर्गत ग्राम पंचायत जगवन पूर्वी का पूर्विकता प्राप्त गृहस्थि राशन कार्ड वितरण पंजी एवं अक्टूबर 2016 से जून 2017 तक कूपन वितरण पंजी की छायाप्रति व किस-किस विक्रेता को कितने-कितने परिवार का खाद्यान्न उपलब्ध कराई जाती है, उसकी सत्यापित छायाप्रति उपलब्ध कराने की मांग की थी. इस अधिनियम के तहत जो शुल्क निर्धारित किये गये हैं उसका भी भुगतान आवेदक ने किया था. इसके बाद तत्कालीन एमओ ने 17 अप्रैल 2018 को आवेदक को आंशिक सूचना उपलब्ध कराते हुए पत्र भेजकर पूर्विकता प्राप्त राशन कार्ड वितरण पंजी संबंधित सूचना प्राप्ति के लिए 244 रुपये प्रखंड नजारत शाखा के माध्यम से जमा करने का निर्देश दिया था. जिसके आलोक में आवेदक ने उक्त राशि भी जमा की थी. इसके बाद भी आवेदक को सूचना उपलब्ध नहीं करायी गयी. आवेदक ने प्रथम अपीलीय प्राधिकार सह जिला आपूर्ति पदाधिकारी के अपील दायर किया. इसके बाद भी आवेदक को वांछित सूचना नही दी गई तो आवेदक ने राज्य सूचना आयोग में अपील दायर की. जहां से अतिरिक्त राशि के भुगतान के बाद भी सूचना उपलब्ध नहीं कराने पर एमओ से स्पष्टीकरण की मांग की गयी. जिसका कोई जवाब नहीं दिया गया. इतना ही नहीं आयोग में हुई दोनों सुनवाई में भी एमओ उपस्थित नहीं हुए. इसके बाद तत्कालीन राज्य सूचना आयुक्त प्रमोद कुमार ठाकुर ने 18 जनवरी 2023 को आदेश पारित कर आवेदक को शिकायत वाद दायर करने सुझाव दिया. इसके बाद दायर हुए शिकायत वाद की सुनवाई के क्रम में 14 जुलाई 2025 को प्रतिवादी को दिए गये आदेश का अनुपालन नहीं किये जाने को गंभीरता से लेते हुए राज्य सूचना आयुक्त प्रकाश कुमार ने 16 अक्टूबर में कार्यरत लोक सूचना पदाधिकारी सह एमओ अमर कुमार शर्मा जो वर्तमान में सुपौल जिले के राघोपुर प्रखंड में एमओ के पद पर कार्यरत हैं. उन्हें दोषी पाया और अकारण सूचनाओं को प्रदान नही करने के दोषी पाये जाने के कारण आरटीआइ की धारा 20(1) के अंतर्गत 25 हजार रुपये का अर्थदंड लगाते हुए धारा 20 (2) के तहत विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा कर दी. साथ ही अर्थदंड की वसूली के लिए सभी संबंधित वरीय अधिकारियों को कार्रवाई से संबंधित सूचना प्रेषित कर दी.
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