बुनकर परिवारों के बहुरेंगे दिन

मधुबनीः बुनकर आयोग के गठन की स्वीकृति मिलने के साथ ही जिले में हलचल बढ़ गयी है. इस पेशा से जुड़े छह लाख की आबादी के बीच एक उम्मीद जगी है. वहीं जिले में संचालित समेकित हस्तकरघा विकास योजना के समय पर पूरा होने के लिए गतिविधियां तेज हो गयी है. वित्तीय वर्ष 2012-13 से […]
मधुबनीः बुनकर आयोग के गठन की स्वीकृति मिलने के साथ ही जिले में हलचल बढ़ गयी है. इस पेशा से जुड़े छह लाख की आबादी के बीच एक उम्मीद जगी है. वहीं जिले में संचालित समेकित हस्तकरघा विकास योजना के समय पर पूरा होने के लिए गतिविधियां तेज हो गयी है. वित्तीय वर्ष 2012-13 से 2015-16 तक क्रियान्वित होने इस योजना के तहत भौआड़ा बुनकर कलस्टर के 5 सौ परिवारों को इससे सीधा फायदा होगा. वहीं इसके कारोबार से एक हजार से अधिक लोगों को अप्रत्यक्ष रूप से फायदा होगा.
आयोग की बनी रूपरेखा
बुनकर आयोग में अध्यक्ष व एक उपाध्यक्ष के अलावे छह सदस्य और एक सचिव होंगे. आयोग में कम से कम एक महिला, एक अल्पसंख्यक और एक अनुसूचित जाति के प्रतिनिधि रहेंगे. आयोग के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष को राज्य मंत्री का दर्जा और सदस्यों को सचिव स्तर का दर्जा मिलेगा.
समेकित विकास संभव
मधुबनी क्षेत्रीय हस्तकरघा बुनकर सहयोग संघ के पूर्व चेयरमैन इनापुर्र रहमान अंसारी ने बताया कि यह बड़ा कदम है. समेकित रूप से पूरे बिहार में बुनकरों की माली हालत सुधारने में इससे मदद मिलेगी. इन्होंने बताया कि अब तक सरकारी कार्य योजना में बुनकर की सीधी सहभागिता नहीं हो पा रही थी. इस फैसले के बाद इनकी भागीदारी योजना चयन, क्रियान्वयन एवं अन्य गतिविधियों में सीधे तौर पर हो जायेगी.
समय पर कार्ययोजना पूरा करने का दबाव
उल्लेखनीय है कि समेकित हस्तकरघा विकास योजना के तहत यहां काम किये जा रहे हैं. वित्तीय वर्ष 2012-13 में शुरू हुए इस योजना के तहत नये करघे की खरीद के लिए आवंटित 15 हजार में से अब तक केवल 12 हजार राशि ही बुनकर को बतौर पहला किस्त दिया गया है. कारपस फंड के लिए पांच हजार एवं कर्मशाला निर्माण के लिए चयनित बुनकर को 40 हजार रुपये आवंटित किया गया है. लेकिन यह राशि बुनकरों को नहीं दी जा सकी है. विभागीय नियम के मुताबिक करघा के लिए आवंटित राशि से 13 सितंबर 13 तक लूम की खरीद नहीं होने की हालत में वह 12 हजार की राशि कर्म शाला के प्रथम किस्त के रूप में मानी जायेगी. इस तरह, इसकी उपयोगिता देने के बाद शेष 28 हजार रुपये आवंटित किये जायेंगे.
विभाग ने बनायी रणनीति
विभाग ने इस योजना के लिए अपनी गतिविधियां बढ़ा दी है. विभाग के महाप्रबंधक शत्रु प्रसाद सिंह ने बताया कि उद्योग विस्तार पदाधिकारी द्वारा स्थल निरीक्षण कर आवंटित राशि की उपयोगिता की जानकारी ली जा रही है. निरीक्षण रिपोर्ट के आलोक में शीघ्र ही शेष राशि विमुक्त कर दी जायेगी.
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