सफाई में पानी से अधिक निकली राशि
Edited by Prabhat Khabar Digital Desk
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जिलाधिकारी ने फिर दिया कैनाल सफाई कराने का आदेश मधुबनी : कैनाल सफाई के लिए जिलाधिकारी के आदेश पर नगर परिषद ने कमर कस लिया है. दरअसल आपदा विभाग ने संभावित बाढ के सुरक्षा के मद्येनजर नगर परिषद व नगर पंचायत के कैनालों व नालों की सफाई के लिये कार्ययोजना बना कर एक जून से […]
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जिलाधिकारी ने फिर दिया कैनाल सफाई कराने का आदेश
मधुबनी : कैनाल सफाई के लिए जिलाधिकारी के आदेश पर नगर परिषद ने कमर कस लिया है. दरअसल आपदा विभाग ने संभावित बाढ के सुरक्षा के मद्येनजर नगर परिषद व नगर पंचायत के कैनालों व नालों की सफाई के लिये कार्ययोजना बना कर एक जून से पहले काम करने का निर्देश दिया है. इस आदेश के बाद नगर परिषद प्रशासन इस दिशा में कवायद शुरू कर दिया है.
लाखों हुए खर्च, पर नतीजा शून्य
विगत पांच साल में कैनाल सफाई क े नाम पर लाखों रुपये खर्च किये गये हैं. पर नतीजा शून्य ही रहा. एक भी कैनाल साफ नहीं हो सका. सफाई की खानापूरी कर काम बंद कर दिया जाता है. जिसका परिणाम है कि हर बारिश में शहर के लोगों को जल जमाव की समस्या से दो चार होना पड़ता है. नगर परिषद प्रशासन से मिले जानकारी के अनुसार विगत पांच साल में कैनाल व नाले सफाई के नाम पर हर साल करीब पांच लाख रुपये खर्च किये गये हैं. इस हिसाब से करीब 20 लाख रुपये खर्च हो चुके हैं.
एक ओर विभाग कैनाल व नाले सफाई के नाम पर लाखों रुपये खर्च करता रहा. दूसरी ओर कैनाल साफ होने के स्थान पर और गंदा होता गया. पांच साल पहले कैनालों की जो सूरत थी. उससे अधिक खराब स्थिति आज है. ेहर कैनाल गाद से भरा
शहर का तीनों कैनाल गाद व गंदगी से भरा है. जिस कारण नालों की पानी कैनाल में नहीं गिर पाती है. नतीजा होता है कि हल्की बारिश में ही शहर में प्राय: हर मोहल्लों में जल जमाव हो जाता है. शहर का 80 प्रतिशत आबादी चार महीनों तक घूटने भर पानी में जिल्लत की जिंदगी जीते हैं.
एक पखवारा पूर्व बारिश की चंद बूंदों ने नगर प्रशासन को चेतावनी दे दी है. हालांकि बिहार सरकार के आपदा प्रबंधन विभाग ने जिला पदाधिकारी को संभावित बाढ़ को देखते हुए नगर निकाय क्षेत्र के सभी नालों नहरों की सफाई व मरम्मति का कार्य कराने के लिए एक जून तक का समय दिया है. जिला पदाधिकारी ने सफाई व मरम्मती कार्य के लिये नगर निकाय को सूचित कर दिया है.
यहां नहीं हैं नाले
शहर के कुछ इलाके को छोड़ दें तो अभी भी मुख्य सड़कों से या तो कच्च नाला गुजरता है या फिर इनका भी अता पता नहीं.
शहर के व्यस्ततम इलाकों में से एक थाना चौक से खादी भंडार होते हुए भौआड़ा को जाने वाली सड़कों के किनारे कच्च नाला जीर्ण शीर्ण अवस्था में है. वहीं थाना चौक से कोतवाली चौक जाने वाली मुख्य सड़कों के किनारे अभी तक नाला निर्माण नहीं होना नप की उदासीनता को दर्शाता है. वहीं हजारों की आबादी वाला आदर्श नगर कॉलोनी अभी भी नाला विहिन है. शहर में ऐसे कई आवासीय क्षेत्र है जो नाला विहिन है.
7.75 किमी लंबा है कैनाल
शहर में मुख्य रूप से तीन कैनाल गुजरता है वाटसन कैनाल जिसकी लंबाई 3.75 किलो मीटर लंबी है जो शहर के 12 नंबर गुमती लाल निकुंज के समीप से थाना चौक, स्टेडियम चौक होते हुए जीवछ नदी में मिलती है.
वहीं किंग्स कैनाल संतु नगर से लाखों बिंदा कैंपस से चभच्च चौक, लोहरसारी चौक, गंगानंद गैस काउंटर, सूड़ी स्कूल, गांधी चौक होते हुए महराजगंज होते हुए स्टेडियम के पास वाटसन कैनाल में मिलती है. जिसकी लंबाई तीन किलो मीटर है. जबकि एक किलो मीटर लंबी राज केनाल भारत दूरसंचार निगम कार्यालय के समीप से होते हुए विनोदानंद झा कॉलोनी से कदम चौक होते हुए 12 नंबर गुमटी के पास निकलती है.
क्या कहते हैं अधिकारी
इस बाबत जिला पदाधिकारी गिरिवर दयाल सिंह ने बताया है कि इस साल नाला उराही के लिये कमेटी का गठन किया जायेगा. जो पारदर्शिता के साथ कैनालों की साफ सफाई करायेगी.
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