दस साल के आतंक का अंत!

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मधुबनी : शातिर इनामी अपराधी राधे साह की मौत से विभिन्न थाना पुलिस ने राहत की सांस ली है. विगत 10 सालों से मधुबनी जिला, सहरसा, सुपौल सहित कई जिले के पुलिस के लिये राधे साह को दबोचना चुनौती बना हुआ था. हत्या, लूट सहित दर्जनों मामले में राधे साह आरोपित था. जिसकी तलाश में […]

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मधुबनी : शातिर इनामी अपराधी राधे साह की मौत से विभिन्न थाना पुलिस ने राहत की सांस ली है. विगत 10 सालों से मधुबनी जिला, सहरसा, सुपौल सहित कई जिले के पुलिस के लिये राधे साह को दबोचना चुनौती बना हुआ था. हत्या, लूट सहित दर्जनों मामले में राधे साह आरोपित था.
जिसकी तलाश में पुलिस खाक छान रही थी. पुलिस की मानें तो वहशातिराने तरीके से आपराधिक घटना को अंजाम देता था. उसकी मौत से एक ओर जहां पुलिस ने राहत की सांस ली है, वहीं आम जनता में भी आतंक के एक बड़े अध्याय के समाप्त होने से राहत है. पुलिस सूत्रों की मानें तो वह कई बार इसलिए बच निकलता था कि वह महिला का रूप भी धारण कर लेता था. आपराधिक घटना को अंजाम देने के बाद वह वेश बदल लेता और आराम से निकल जाता था. बाद में पता चलता था कि वह वेश बदल कर फरार हो चुका है. हत्या करना उसके लिए मानों खेल था.
सूत्रों के अनुसार, उसने विगत 10 साल पूर्व आपराधिक दुनिया में कदम रखा था. इसके बाद आपराधिक दुनिया उसको इस कदर भाया कि वह देखते ही देखते एक के बाद एक हत्या, अपहरण, लूट, रंगदारी सहित प्राय: सभी प्रकार के सैकड़ों अपराध कर बैठा. आपराधिक जगत के लोगों में वह अपनी अलग पहचान बना लिया.
कई बार पुलिस को दिया था चकमा
राधे साह शातिर तरीके से अपराध कर बच निकलता था. कई बार उसे पुलिस ने अपने घेरे में दबोचने की जाल बिछायी. पर हर बार वह पुलिस को चकमा देकर भाग निकला. कई बार पुलिस के साथ मुठभेड़ भी हुई थी. राधे साह के पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ने के कारण पुलिस ने इसके पकड़ने वालों को 50 हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की थी.
फुलपरास व निर्मली था मुख्य केंद्र
उसने फुलपरास अनुमंडल व निर्मली, वीरपुर को अपने आपराधिक वारदातों के लिए मुख्य रूप से निशाने पर लिया था. इन दोनों अनुमंडल में ही करीब 70 आपराधिक घटनाओं को राधे अंजाम दे चुका था.
इसमें हत्या, लूट, अपहरण सहित कई मामले शामिल थे. सूत्रों की मानें तो राधे साह जनप्रतिनिधियों से रंगादारी मांगने एवं रंगदारी नहीं देने पर उसकी हत्या करने में अधिक दिलचस्पी रखता था. जिससे क्षेत्र के जनप्रतिनिधि इस शातिर अपराधी से खौफ खाते थे.
मौत की खबर सुनते ही उमड़ी भीड़
गुरुवार को शातिर अपराधी राधे साह के मौत की खबर सुनने पर पहले तो लोगोंको विश्वास ही नहीं हुई. दरअसल इसकी हत्या में कहीं भी पुलिस की भूमिका नहीं रहने के कारण लोगों को इसके मौत का विश्वास ही नहीं हो पा रहा था.
पर जैसे जैसे लोगों ने लाश की पहचान इनामी अपराधी राधे साह के रूप में करना शुरू किया तो लोगों के चेहरे पर हैरानी व राहत के मिले जुले भाव आते गये. राधे के मौत के खबर मिलते ही विभिन्न थाना पुलिस भी घटनास्थल पर आते गये.
हर कोई इस घटना की पुष्टि के लिये अपने अपने स्तर से प्रयास करते दिखे. लौकही थाना क्षेत्र के खड़कपुर गांव निवासी तनुकलाल साह के पुत्र राधे साह के निधन पर गांव के कई लोग भी इसके लाश को देखने को पहुंचे. हालांकि इस दौरान कोई भी खुलकर कुछ नहीं बोल रहा था.
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