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पुलिस जवानों की जान खतरे में !

29 Apr, 2015 1:28 am
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पुलिस जवानों की जान खतरे में !

मधुबनी : आरक्षित पुलिस जवानों के रहने का स्थल पुलिस केंद्र की जजर्र हालत बता रही है कि वह किसी भी समय गिर सकता है. भवन की हालत को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने इसे खाली करने का निर्देश भी दिया है. पर सोमवार को जब पुलिस कंद्र भवन का जायजा लिया गया तो पाया […]

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मधुबनी : आरक्षित पुलिस जवानों के रहने का स्थल पुलिस केंद्र की जजर्र हालत बता रही है कि वह किसी भी समय गिर सकता है. भवन की हालत को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने इसे खाली करने का निर्देश भी दिया है. पर सोमवार को जब पुलिस कंद्र भवन का जायजा लिया गया तो पाया कि पुलिस केंद्र में अभी भी पुलिस के जवान रह रहे हैं.
कपरूरी छात्रावास में शिफ्ट हुए कुछ जवान
पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर कल्पनाथ सिंह ने पुलिस केंद्र के 50 जवानों को कपरूरी छात्रावास में शिफ्ट किया गया है. मेजर ने बताया है कि छात्रावास का भवन भी जजर्र हालत में ही है पर अभी भी 200 पुलिस के जवान केंद्र में रह रहे हैं.
रात को भवन के बाहर रहते हैं जवान
पुलिस केंद्र में पुलिस मेंस एसोसिएशन के अध्यक्ष विजायधर सिंह व सचिव संजय यादव ने बताया कि पुलिस केंद्र के जवान रातों को मैदान में रहकर किसी तरह रात गुजार रहे है. टेंट की भी व्यवस्था नहीं है. पुलिस केंद्र के बाहर पैरेड मैदान में सतरंजी पर खुले आसमान के नीचे रात बिता रहे हैं जवान.
स्थायी व्यवस्था की मांग
संघ के अध्यक्ष विजायधर सिंह ने कहा कि पुलिस के जवानों के रहने की तात्कालिक व्यवस्था नहीं बल्कि स्थायी व्यवस्था होनी चाहिए . क्योंकि वर्तमान पुलिस केंद्र का भवन इतना जजर्र हो चुका है कि कभी भी गिरने से बड़ा हादसा हो सकता है.
उन्होंने कहा कि पुलिस केंद्र को तत्काल नहीं छोड़ने का कई व्यावहारिक कारण है. पुलिस केंद्र के ऊपरी मंजिल पर आठ कमरों में आठ कार्यालय है. इनमें लाइन बाबू वन और टू की ऑफिस है, सेवा पुस्तिका कार्यालय एमटी ऑफिस, जीपी कार्यालय, होमगार्ड व जिला के शस्त्रगार है. इसके साथ ही जवानों के लगभग 12 सौ बक्सा है जिसमें उनके सामान रखे हुए है इनकी सुरक्षा की जिम्मेवारी भी उन पर है ऐसे में पुलिस केन्द्र को तात्कालिक रूप से छोड़ना भी उचित नहीं है.
भूकंप में गिरे छज्‍जा से हुआ नुकसान
शनिवार को आये भूकंप में पुलिस केंद्र के छत के गुंबज के टूटने से गिरे ईंट व मलवे से लाखों रुपये की क्षति हुई है. गुंबज के टूटने से पुलिस केंद्र में आये 50 बेड, एक मोटर साइकिल एवं दो साइकिल पूर्णत: क्षतिग्रस्त हो गया.
क्या कहते हैं एसपी
एसपी राजेश कुमार ने बताया कि रात को पुलिस केंद्र में जवान सो रहे हैं. वैकल्पिक व्यवस्था होने तक कुछ जवान को अलग शिफ्ट भी किया गया है. 72 घंटे के एलर्ट समाप्ति पर पुन: पुलिस केंद्र में जवान वापस आ जायेंगे.
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