शहर में दो पल सुकून गुजारना हमेशा मुश्किल

Updated at : 29 Jun 2018 5:15 AM (IST)
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शहर में दो पल सुकून गुजारना हमेशा मुश्किल

मधुबनी : शहर में दो पल सुकून गुजारना हमेशा मुश्किल रहा है. आपाधापी भरी जिंदगी में बढ़ते प्रदूषण के कारण लोगों को खाली समय बीताना हमेशा दुश्वारियों भरा रहा है. खासकर बच्चे व परिवार के साथ कहीं बैठने की माकूल जगह शहर में उपलब्ध नहीं है. शहर में न तो पार्क है और न ही […]

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मधुबनी : शहर में दो पल सुकून गुजारना हमेशा मुश्किल रहा है. आपाधापी भरी जिंदगी में बढ़ते प्रदूषण के कारण लोगों को खाली समय बीताना हमेशा दुश्वारियों भरा रहा है. खासकर बच्चे व परिवार के साथ कहीं बैठने की माकूल जगह शहर में उपलब्ध नहीं है. शहर में न तो पार्क है और न ही सिनेमा हॉल. ढ़ाई माह पूर्व शहर में दो पार्क निर्माण की स्वीकृति मिली थी. बच्चों में आस जगी थी की इस गर्मी छुट्टी में मौज-मस्ती करेंगे.

अप्रैल के प्रथम सप्ताह में विभागीय स्वीकृति मिली पर अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ. शहर के काली मंदिर तथा प्रमोद वन के समीप पार्क निर्माण पर 2 करोड़ 44 लाख रुपये खर्च किये जाने है. बीते ढ़ाई महीने के बाद भी पार्क में कचरा फेंका जा रहा है. हल्की बारिश में काली मंदिर के समीप शिशु उद्यान झील में तब्दील हो गया है. जिससे सरांध उत्पन्न हो गयी है. लोगों का चलना मुश्किल हो गया है.
2.50 करोड़ से बनना है पार्क. शहर में 2 करोड़ 44 लाख से पार्क निर्माण कराया जायेगा.
एक पार्क काली मंदिर के समीप तथा दूसरा नगर परिषद कार्यालय के समीप प्रमोद वन का निर्माण किया जायेगा. गंगा सागर के समीप वाले पार्क निर्माण में 1 करोड़ 75 लाख रुपये खर्च किये जायेंगे. वहीं प्रमोद वन पर 69 लाख रुपये खर्च किये जायेंगे. जिसकी विभागीय स्वीकृति मिल गयी है.
बच्चों को नहीं मिली सुविधा. करीब ढ़ाई माह पूर्व पार्क निर्माण के लिए विभागीय स्वीकृति मिली थी. जिसपर 2.44 करोड़ रुपये खर्च करना था. अभी तक निविदा की प्रक्रिया भी पूरी नहीं हुई है. अप्रैल माह में विभागीय स्वीकृति मिलने के बाद खासकर वे बच्चे जिनके अभिभावक आर्थिक रूप से कमजोर है. उन्हें अपने ही शहरों में पार्क की सुविधा मिलने की उम्मीद जगी थी. पर इस गर्मी छुट्टी में भी सुविधा नहीं मिली.
झील में तब्दील पार्क. एक ओर पार्क निर्माण की घोषणा को लेकर लोगों में हर्ष व्याप्त था. यह उम्मीद भी कि इसी बहाने यहां साफ-सफाई बेहतर होगा. लेकिन, इसकी न ही कभी सफाई करायी जाती है और न ही मिट्टी दिलाया गया. काली मंदिर परिसर में जितनी भी दुकानें है वे दुकान के सारे प्लास्टिक व कूट के डिब्बे इसी में फेंक रहें है. उपर से हल्की बारिश के कारण पार्क झील में तब्दील हो गया है. जिससे सरांध उत्पन्न हो गयी है.
होगी कार्रवाई
पार्क निर्माण की विभागीय स्वीकृति मिल गयी है. निविदा प्रक्रिया के बाद निर्माण कार्य शुरू हो जायेगा. उन्होंने कहा कि पार्क में कूड़ा फेंके जाने पर कारवाई की जायेगी.
जटाशंकर झा, नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी
शहर का चिल्ड्रेन पार्क झील में तब्दील, कचरा फेंके जाने का बन गया है अड्डा
अपराधियों का तैयार होगा डाटा बेस, तैयारी शुरू
पुलिस मुख्यालय से जुड़ेंगे जिले के थाने
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