Madhubani Court परिसर में सुरक्षा को लेकर प्रशासन उदासीन, 5 सुरक्षाकमिर्यों के भरोसे है परिसर
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 27 Aug 2022 6:15 AM
मधुबनी में विगत वर्षों में कोर्ट परिसर में हुए घटना को देखते हुए जिले के न्यायालयों में सुरक्षा के कड़े प्रबंध किये गये थे. लेकिन कुछ दिनों के बाद ही न्यायालय में सुरक्षा के प्रति उदासीनता बरती जा रही है. अभी 5 सुरक्षाकर्मी के भरोसे कोर्ट है.
मधुबनी. विगत वर्षों में न्यायालय परिसर में हुए घटना को देखते हुए जिले के न्यायालयों में सुरक्षा के कड़े प्रबंध किये गये थे. लेकिन कुछ दिनों के बाद ही न्यायालय में सुरक्षा के प्रति उदासीनता बरती जा रही है. न्यायालय परिसर की सुरक्षा के लिए बम निरोधक दस्ता के सहित 18 सुरक्षाकर्मी को तैनात किया गया था. साथ ही रात में 10 सुरक्षा कर्मी व 5 होमगार्ड को तैनात किया गया था. लेकिन अब आलम यह है कि मात्र 5 सुरक्षाकर्मी, रात के लिए 6 व होमगार्ड 4 जवान के भरोसे ही न्यायालय परिसर की सुरक्षा हो रही है.
न्यायालय के सुरक्षा के लिए प्रशासन द्वारा 8 प्रवेश द्वार चिन्हित किया गया था. जिसमें 16 सुरक्षाकर्मी को स्कैनर के साथ तैनात किया गया था. वहीं एक बम निरोधक मशीन लेकर एक कर्मी को तैनात किया गया था. जो न्यायालय में कार्य शुरु होने से पहले इजलास व परिसर की जांच करता था. वहीं सब पर नजर रखने के लिए दो अफसर कि तैनाती की गई थी.
न्यायालय परिसर की सुरक्षा के लिए परिसर को सदर वन व सदर टू में बांटा गया है. सदर वन परिसर में प्रधान न्यायाधीश, एडीजे प्रथम, एडीजे द्वितीय, एडीजे तृतीय, एडीजे पंचम, एडीजे आठ, एडीजे नौ, सीजेएम, एसडीजेएम एवं दो न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी के इजलास के साथ कोर्ट में उपस्थिति के लिए मंडल कारा से आए बंदी के लिए कोर्ट कारा है. लेकिन सुरक्षा कर्मी की कमी के कारण इस परिसर में जाने के लिए बने प्रवेश द्वार पर सुरक्षाकर्मी का अभाव रहता है. वहां बेरोकटोक लोगों का आवागमन होता रहता है. वहीं सदर टू परिसर में जिला एवं सत्र न्यायाधीश, एडीजे छह सह विशेष न्यायालय, एडीजे सात सह विशेष न्यायालय पॉस्को, सब जज प्रथम, मुंसिफ प्रथम व द्वितीय के दो एवं न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी के तीन इजलास हैं. साथ ही जिला विधिक सेवा प्राधिकार का कार्यालय है. जहां प्रवेश द्वार पर तीन कर्मी तैनात रहते हैं.
न्यायालय में जिले भर से अपने-अपने कार्य से आए एक हजार से अधिक पक्षकार, पांच सौ से अधिक अधिवक्ता, 250 से अधिक अधिवक्ता लिपिक व 450 से अधिक न्यायालय कर्मी प्रत्येक दिन कोर्ट आते हैं. वहीं पक्षकारों द्वारा स्टैंड नहीं रहने के कारण बेतरतीब तरीके से बाइक लगा देने से आने-जाने वालों को परेशानी होती है. सुरक्षा में तैनात दो सुरक्षा कर्मी यातायात व्यवस्था में ही लगे रहते हैं. वहीं, एसपी सुशील कुमार ने कहा है कि कोर्ट व हाजत की सुरक्षा के लिए 38 ऑफिसर व कांस्टेबल की तैनाती की गयी है. फिर भी सुरक्षा व्यवस्था में कमी है तो जांच की जाएगी
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