मधेपुरा में स्वास्थ्य केंद्र पर कब्जे का आरोप, पंचायत भवन से चल रही स्वास्थ्य सेवाएं, ग्रामीणों ने जांच की उठाई मांग

उपस्वास्थ्य केंद्र | Prabhat Khabar Network
Madhepura News:मधेपुरा जिले के कुमारखंड प्रखंड में सरकारी उप स्वास्थ्य केंद्र भवन पर कथित कब्जे का गंभीर आरोप लगा है. ग्रामीणों के अनुसार, इस वजह से स्वास्थ्य सेवाएं पंचायत भवन और आंगनबाड़ी केंद्र से संचालित हो रही हैं. क्षेत्र के लोग बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए सरकारी भवन को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग कर रहे हैं.
Madhepura News: मधेपुरा जिले के कुमारखंड प्रखंड की टेंगराहा परिहारी पंचायत से सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है. यहां ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि टेंगराहा गांव स्थित उप स्वास्थ्य केंद्र भवन पर स्थानीय स्तर पर कथित कब्जा होने के कारण स्वास्थ्य सेवाएं अपने निर्धारित भवन से संचालित नहीं हो पा रही हैं. स्थिति यह है कि मरीजों को मिलने वाली कई स्वास्थ्य सेवाएं फिलहाल पंचायत भवन और अन्य वैकल्पिक स्थानों से संचालित की जा रही हैं.
ग्रामीणों का कहना है कि यदि सरकारी भवन को अतिक्रमण से मुक्त करा दिया जाए तो क्षेत्र के लोगों को एक ही स्थान पर नियमित और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी. फिलहाल मामले में प्रशासनिक कार्रवाई की मांग तेज हो गई है.
वर्ष 2004 में बना था उप स्वास्थ्य केंद्र
ग्रामीणों के अनुसार टेंगराहा गांव में वर्ष 2004 में उप स्वास्थ्य केंद्र भवन का निर्माण कराया गया था. उनका दावा है कि यह भवन मौजा श्रीपुर, थाना संख्या 243, खाता संख्या 817 की लगभग 26 डिसमिल सरकारी भूमि पर स्थित है.
आरोप है कि वर्तमान में इस भवन का उपयोग स्वास्थ्य सेवाओं के बजाय निजी उपयोग के लिए किया जा रहा है. ग्रामीणों ने गांव के ही एक व्यक्ति पर भवन पर कथित कब्जा करने का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि इसी वजह से स्वास्थ्य विभाग अपने मूल भवन से सेवाएं संचालित नहीं कर पा रहा है.
Madhepura News: पंचायत भवन और आंगनबाड़ी केंद्र से चल रही सेवाएं
ग्रामीणों ने बताया कि उप स्वास्थ्य केंद्र भवन उपलब्ध नहीं होने के कारण स्वास्थ्य विभाग की एएनएम पुष्पा कुमारी पंचायत भवन में नियमित रूप से टीकाकरण, गर्भवती महिलाओं की जांच और अन्य स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर रही हैं.
वहीं उप स्वास्थ्य केंद्र पर पदस्थापित दूसरी एएनएम सरिता कुमारी आंगनबाड़ी केंद्र से अपनी सेवाएं दे रही हैं. ग्रामीणों का कहना है कि अलग-अलग स्थानों से सेवाएं संचालित होने के कारण आम लोगों, खासकर महिलाओं और बच्चों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ता है.
ग्रामीणों ने निष्पक्ष जांच की मांग की
स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकारी भवन का उपयोग केवल स्वास्थ्य सेवाओं के लिए होना चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया कि कथित कब्जाधारी की पत्नी स्वास्थ्य विभाग में आशा कार्यकर्ता हैं. हालांकि ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा है कि जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी.
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन, अंचल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि सरकारी भवन को अतिक्रमण से मुक्त कराया जाए और उप स्वास्थ्य केंद्र का नियमित संचालन उसी भवन से शुरू कराया जाए.
अधिकारियों का पक्ष आना बाकी
इस मामले में स्वास्थ्य विभाग और अंचल प्रशासन का आधिकारिक पक्ष समाचार लिखे जाने तक प्राप्त नहीं हो सका. अधिकारियों का कहना है कि यदि इस संबंध में शिकायत प्राप्त होती है तो मामले की जांच कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी.
ऐसे में अब स्थानीय लोगों की नजर प्रशासनिक जांच पर टिकी है. यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो सरकारी स्वास्थ्य केंद्र को दोबारा उसके मूल उद्देश्य के लिए शुरू करने का रास्ता साफ हो सकता है.
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लेखक के बारे में
By पवन कुमार
पवन कुमार प्रिंट माध्यम में 10 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. कुमारखंड (मधेपुरा) क्षेत्र में काम कर रहे हैं. सामाजिक कार्यों, शिक्षा, राजनीति व खेल में रुचि रखते हैं.
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