चलती ट्रेन में चढ़ना-उतरना बन रहा डेथ ट्रैप तीन माह में कई यात्री हुए चोटिल, आरपीएफ ने चलाया जीवन रक्षा अभियान

Published by :Kumar Ashish
Published at :16 Apr 2026 6:25 PM (IST)
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चलती ट्रेन में चढ़ना-उतरना बन रहा डेथ ट्रैप तीन माह में कई यात्री हुए चोटिल, आरपीएफ ने चलाया जीवन रक्षा अभियान

चलती ट्रेन में चढ़ना-उतरना बन रहा डेथ ट्रैप तीन माह में कई यात्री हुए चोटिल, आरपीएफ ने चलाया जीवन रक्षा अभियान

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आरपीएफ ने चलाया जीवन रक्षा अभियान मधेपुरा. चलती ट्रेन से उतरना या चढ़ना यात्रियों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है. यात्रियों की लापरवाही और चंद मिनटों की जल्दबाजी जिंदगी पर भारी पड़ रही है. आंकड़ों पर गौर करें तो इस साल के शुरुआती तीन महीनों में ही जिले के रेल खंडों पर ऐसी लापरवाही के कारण कई यात्री चोटिल हो चुके हैं. इसके बावजूद यात्री इन हादसों से सबक लेने को तैयार नहीं हैं. जल्दबाजी और लापरवाही पड़ रही भारी जानकारों के मुताबिक अधिकतर हादसे उस समय होते हैं जब यात्री स्टेशन पर ट्रेन के प्रस्थान से ठीक पहले पहुंचते हैं और प्लेटफाॅर्म पर दौड़ती ट्रेन को पकड़ने की कोशिश करते हैं. इसके अलावा एक बड़ा कारण छोटे स्टॉपेज पर पानी की बोतल या नाश्ता लेने के लिए नीचे उतरना भी है. जैसे ही ट्रेन खुलती है, यात्री चलती गाड़ी में सवार होने के प्रयास में अपना संतुलन खो देते हैं और ट्रेन व प्लेटफाॅर्म के बीच के गैप (फुटबोर्ड) की चपेट में आ जाते हैं. आरपीएफ का जीवन रक्षा अभियान बढ़ती घटनाओं को देखते हुए आरपीएफ ने जीवन रक्षा अभियान के तहत सख्ती और जागरूकता बढ़ा दी है. हाल के दिनों में आरपीएफ जवानों ने अपनी जान जोखिम में डालकर दो यात्रियों को ट्रेन की चपेट में आने से बचाया है. स्टेशन मास्टर ने बताया कि प्लेटफाॅर्म पर तैनात जवान न केवल गश्त कर रहे हैं, बल्कि यात्रियों को लाउडस्पीकर और व्यक्तिगत रूप से भी जागरूक कर रहे हैं. ट्रेनों के आगमन और प्रस्थान के समय विशेष निगरानी रखी जा रही है ताकि किसी भी अनहोनी को समय रहते रोका जा सके. रेलवे ट्रैक पार करना भी बना जान का दुश्मन चलती ट्रेन के अलावा रेलवे ट्रैक को गलत तरीके से पार करना भी मौतों का एक बड़ा कारण बनकर उभरा है. आरपीएफ अधिकारियों के अनुसार, लोग फुटओवर ब्रिज का उपयोग करने के बजाय शॉर्टकट के चक्कर में ट्रैक पार करते हैं. सबसे घातक स्थिति तब होती है, जब लोग कानों में हेडफोन लगाकर या मोबाइल पर बात करते हुए पटरी पार करते हैं. ऐसी स्थिति में उन्हें ट्रेन की आवाज सुनाई नहीं देती और वे तेज रफ्तार ट्रेन की चपेट में आ जाते हैं. प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे समय से स्टेशन पहुंचें, फुटओवर ब्रिज का ही इस्तेमाल करें और चलती ट्रेन में चढ़ने या उतरने का दुस्साहस न करें.

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