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शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे एसटीईटी अभ्यर्थियों पर पुलिसिया दमन निंदनीय है -आइसा

Updated at : 19 Sep 2025 7:23 PM (IST)
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शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे एसटीईटी अभ्यर्थियों पर पुलिसिया दमन निंदनीय है -आइसा

नियोजित शिक्षकों, बेरोज़गार युवाओं एवं प्रतियोगी परीक्षार्थियों में हुये आंदोलन पर सरकार का हमला रहा है.

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मधेपुरा. ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन ने पीएस कॉलेज गेट पर एसटीईटी छात्रों पर पुलिसिया दमन के खिलाफ प्रतिवाद सभा आयोजित कर विरोध दर्ज किया. आइसा जिला सचिव पावेल कुमार ने कहा कि बिहार में डबल इंजन की सरकार ने लोकतांत्रिक आवाज़ को पुलिस के बल से कुचलने का प्रयास जारी है. शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे एसटीईटी अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज, गिरफ़्तारी और डराने-धमकाने की कार्रवाई बताती है कि यह सरकार छात्रों की समस्याओं को हल करने की बजाय पुलिसिया धौंस दिखा कर उनके न्याय अधिकार की मांग की संघर्षों को खत्म कर देना चाहती है. यह घटना कोई अपवाद नहीं, बल्कि सरकार की छात्रों के प्रति दमनकारी नीति का हिस्सा हमेशा से रही है, पहले भी नियोजित शिक्षकों, बेरोज़गार युवाओं एवं प्रतियोगी परीक्षार्थियों में हुये आंदोलन पर सरकार का हमला रहा है. अब वही दमन एसटीईटी अभ्यर्थियों पर ढाया जा रहा है. बीएनएमयू अध्यक्ष अरमान अली ने कहा कि एसटीईटी परीक्षा पिछले डेढ़ साल से लंबित है, और सरकार बिना इसे आयोजित किए टीआरई-4 परीक्षा कराने की बात कर रही है. यह जो पूरी तरह से अनुचित है. इससे दो सत्रों के लगभग पांच लाख छात्र परीक्षा से वंचित रह जायेंगे. मीडिया प्रभारी राजकिशोर राज एवं विकास कुमार ने संयुक्त रूप से कहा कि टीआरई-4 एक जुमला बनकर रह जायेगा, शिक्षकों की नियुक्ति की प्रक्रिया इमानदारी से पूरी नहीं हो पायेगा. छात्र संघठन आइसा का कहना है कि सरकार तत्काल एसटीईटी परीक्षा की तारीख घोषित करें, टीआरई-4 से पहले एसटीईटी सुनिश्चित किया जाय, पुलिसिया दमन पर माफी मांगी जाये एवं दोषी अधिकारियों पर उच्च स्तरीय सख्त कार्रवाई कार्रवाई हो, सुमन भारती ने कहा कि छात्रों की मांगों को प्राथमिकता देकर, लोकतांत्रिक तरीके से संवाद किया जाय. आइसा नेता नीरज कुमार ने कहा कि छात्रों की आवाज को लाठियों से दबाया नहीं जा सकता. यह संघर्ष सिर्फ परीक्षा का नहीं, न्याय और लोकतंत्र बचाने का है – आइसा इस संघर्ष के साथ मजबूती से खड़ा है. आगामी दिनों में छात्रविरोधी नीतियों के खिलाफ आंदोलन तेज होगा. मौके पर विकास कुमार, मृत्युंजय कुमार, राकेश रोशन, कृष्णा कुमार, आरव कुमार आदि मौजूद थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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Kumar Ashish

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By Kumar Ashish

Kumar Ashish is a contributor at Prabhat Khabar.

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