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युवा उत्सव से नाटक समेत कई विधाएं बाहर, कलाकारों में मायूसी

Updated at : 17 Nov 2025 6:19 PM (IST)
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युवा उत्सव से नाटक समेत कई विधाएं बाहर, कलाकारों में मायूसी

युवा उत्सव से नाटक समेत कई विधाएं बाहर, कलाकारों में मायूसी

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मधेपुरा. केंद्र सरकार के नये नोटिफिकेशन ने जिले के नाटक कलाकारों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है. युवा उत्सव से एकांकी नाटक सहित कई सांस्कृतिक विधाओं को हटाने के फैसले से रंगकर्मियों में आक्रोश है. अब प्रतियोगिता केवल सात विधाओं-समूह लोक नृत्य, समूह लोक गीत, कहानी लेखन, कविता लेखन, पोस्टर मेकिंग, भाषण प्रतियोगिता और विज्ञान मेला में ही करायी जायेगी. नाटक मंचन पर रोक से मायूस कलाकार जिले के डिग्रीधारी रंगकर्मी अमित आनंद, सुनीत साना, मो शहंशाह, अमित कुमार अंशु आदि कलाकार लंबे समय से बिहार के विद्यालयों में नाटक शिक्षक की बहाली की मांग कर रहे हैं. कलाकारों का कहना है कि बहाली की मांग पूरी नहीं हुई, उलटे अब युवा उत्सव से ही नाटक विधा को हटा दिया गया. कलाकारों के अनुसार “सरकारी मंच के रूप में हमारे पास सिर्फ युवा उत्सव ही बचा था. अब वही खत्म कर दिया गया. यह निर्णय हमारी कला और हमारी पीढ़ी दोनों को पीछे धकेल देगा. चुनाव के कारण तिथि अटकी, लेकिन नियम लागू बिहार विधानसभा चुनाव की वजह से अब तक जिला स्तरीय युवा उत्सव की तिथि घोषित नहीं हो सकी है. इसके बावजूद बिहार सरकार ने सभी जिलों को केंद्र का नोटिफिकेशन भेज दिया है. जिन राज्यों में चुनाव नहीं हो रहे हैं, वहां युवा उत्सव शुरू भी हो चुका है और केवल वही सात विधाएं आयोजित करायी जा रही है. नाटक ही क्यों- फूटा गुस्सा कलाकारों का कहना है कि युवा उत्सव नाटककारों, निर्देशक और रंगमंच से जुड़े युवाओं के लिए एकमात्र सरकारी पहचान का मंच था. उनका आरोप है कि नाटक विधा को हटाना रंगकर्म के प्रति सरकारी उदासीनता को दर्शाता है. कई कलाकारों ने चेताया कि अगर निर्णय वापस नहीं हुआ तो वे राज्य स्तर पर आंदोलन की तैयारी करेंगे. भविष्य अधर में नाटक विधा हटाए जाने से न सिर्फ कलाकारों की प्रतिभा पर रोक लगी है, बल्कि जिले में रंगमंच की नई पीढ़ी का मनोबल भी टूट रहा है. कलाकारों का स्पष्ट कहना है-“प्रतिभा दिखायी नहीं देगी, तो नई पीढ़ी रंगमंच की ओर आएगी ही कैसे?” सरकारी मंच से नाटक जैसी समृद्ध कला का हटना संस्कृति जगत के लिए झटका माना जा रहा है. कलाकारों ने उम्मीद जतायी है कि सरकार जल्द ही अपने फैसले पर पुनर्विचार करेगी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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Kumar Ashish

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By Kumar Ashish

Kumar Ashish is a contributor at Prabhat Khabar.

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