उदाकिशुनगंज में नाला निर्माण अटका, 138 लोगों को सरकारी जमीन खाली करने का नोटिस, नगर परिषद में बढ़ा टकराव

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मुख्य पार्षद अनसुईया देवी और उप मुख्य पार्षद मिंकी कुमारी | Prabhat Khabar Network

उदाकिशुनगंज नगर परिषद में मुख्य बाजार की सरकारी जमीन पर अतिक्रमण को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. 138 लोगों को जमीन खाली करने का नोटिस जारी किया गया है, जिससे बाजार में दहशत है.

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Madhepura News: मधेपुरा जिले के उदाकिशुनगंज नगर परिषद क्षेत्र में मुख्य बाजार की सरकारी जमीन पर अतिक्रमण हटाने को लेकर बड़ा प्रशासनिक और राजनीतिक विवाद सामने आ गया है. नगर परिषद ने सड़क किनारे अतिक्रमण करने वाले करीब 138 लोगों को नोटिस जारी कर तीन दिनों के भीतर सरकारी जमीन खाली करने का निर्देश दिया है. प्रशासन का कहना है कि अतिक्रमण के कारण प्रस्तावित सड़क और नाला निर्माण कार्य बाधित हो रहा है, जबकि नगर परिषद के भीतर ही इस कार्रवाई को लेकर मतभेद गहरा गया है.

मुख्य पार्षद इसे शहर की जल निकासी व्यवस्था सुधारने के लिए जरूरी कदम बता रही हैं, वहीं उप मुख्य पार्षद ने नोटिस जारी करने की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए पहले स्थल निरीक्षण की मांग की है. नोटिस जारी होने के बाद मुख्य बाजार में दहशत और असमंजस का माहौल है.

नाला और सड़क निर्माण की राह में अतिक्रमण सबसे बड़ी बाधा

नगर परिषद की ओर से जारी नोटिस में अंचल अधिकारी उदाकिशुनगंज के प्रतिवेदन का हवाला दिया गया है. इसमें कहा गया है कि मुख्य बाजार स्थित राजकीय सड़क की सरकारी भूमि पर अतिक्रमण होने के कारण मुख्यमंत्री शहरी समग्र विकास योजना सहित सड़क एवं नाला निर्माण की कई योजनाएं प्रभावित हो रही हैं.

प्रशासन का कहना है कि मुख्य बाजार में जाम की समस्या लगातार बनी रहती है और अतिक्रमण के कारण यातायात व्यवस्था भी प्रभावित होती है. नोटिस में यह भी उल्लेख किया गया है कि पहले भी अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया गया था, लेकिन प्रभावी कार्रवाई नहीं हो सकी. इस बार तीन दिनों के भीतर जमीन खाली नहीं करने पर दंडात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है.

27 योजनाओं को तकनीकी मंजूरी, अब जमीन खाली कराना जरूरी

अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई केवल सड़क चौड़ीकरण तक सीमित नहीं है. इसके पीछे मुख्यमंत्री शहरी विकास योजना के तहत प्रस्तावित नाला और सड़क निर्माण परियोजनाएं भी हैं.

बुडको के परियोजना निदेशक कार्यालय, मधेपुरा के अनुसार उदाकिशुनगंज सहित विभिन्न नगर निकायों में सड़क और आरसी नाला निर्माण की योजनाओं को तकनीकी अनुमोदन मिल चुका है. दस्तावेज के अनुसार उदाकिशुनगंज के मुख्य बाजार, वार्ड संख्या 20, कॉलेज चौक और अन्य क्षेत्रों में आरसी नाला निर्माण प्रस्तावित है. कुल 27 योजनाओं को तकनीकी स्वीकृति दी गई है.

नगर परिषद का कहना है कि यदि सरकारी भूमि अतिक्रमण मुक्त नहीं कराई गई तो इन योजनाओं पर समय पर काम शुरू करना संभव नहीं होगा.

मुख्य पार्षद बोलीं, जल निकासी सुधारने के लिए जरूरी है कार्रवाई

मुख्य पार्षद अनसुईया देवी ने कहा कि शहर में जल निकासी की समस्या लंबे समय से बनी हुई है. बरसात के दौरान मुख्य बाजार और आसपास के इलाकों में जलजमाव से लोगों को भारी परेशानी होती है.

उन्होंने कहा कि सड़क और नाला निर्माण की योजनाएं पहले से स्वीकृत हैं और यदि अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो शहरवासियों को इन योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाएगा. उनके अनुसार यह कार्रवाई किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि सार्वजनिक हित में की जा रही है.

उप मुख्य पार्षद ने उठाए प्रक्रिया पर सवाल

उप मुख्य पार्षद मिंकी कुमारी ने कार्यपालक पदाधिकारी को पत्र लिखकर नोटिस जारी करने की प्रक्रिया पर आपत्ति जताई है. उन्होंने कहा कि नोटिस मिलने के बाद बाजार में भय और असंतोष का माहौल है.

उनका कहना है कि जिन लोगों को नोटिस दिया गया है, अधिकारियों को पहले स्थल पर जाकर वास्तविक स्थिति का निरीक्षण करना चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि जल निकासी की समस्या गंभीर है, लेकिन उसके स्थायी समाधान की दिशा में अपेक्षित पहल नहीं हुई है.

मिंकी कुमारी ने पहले जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने और उसके बाद अतिक्रमण संबंधी कार्रवाई पर विचार करने की मांग की है.

Madhepura News: बाजार में बढ़ी चिंता, आगे क्या होगा?

तीन दिन की समयसीमा के कारण नोटिस पाने वाले लोगों में चिंता बढ़ गई है. कई व्यापारियों और स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि बिना पर्याप्त सर्वे और सुनवाई के कार्रवाई की गई तो आजीविका प्रभावित हो सकती है.

दूसरी ओर नगर परिषद का तर्क है कि यदि अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो करोड़ों रुपये की विकास योजनाएं अटक सकती हैं और शहर की जल निकासी समस्या का समाधान नहीं हो पाएगा.

अब निगाहें इस बात पर हैं कि प्रशासन तय समयसीमा के बाद अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करता है या जनप्रतिनिधियों के बीच बने मतभेद के बाद कोई नया समाधान निकाला जाता है.

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कौनैन वशीर

लेखक के बारे में

By कौनैन वशीर

कौनैन वशीर प्रिंट माध्यम में 25 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. वर्ष 2001 में अमर उजाला से पत्रकारिता की शुरुआत की. अभी उदाकिशनगंज (मधेपुरा) क्षेत्र में काम कर रहे हैं. सामाजिक कार्यों, शिक्षा, राजनीति व खेल में रुचि रखते हैं.

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