पिता चलाते हैं किराना दुकान, अब बेटा बनेगा डॉक्टर, मुरलीगंज के सक्षम ने NEET-UG में लाया 202वीं रैंक

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सक्षम की तस्वीर  माता-पिता बहन दादा दादी के साथ सक्षम की तस्वीर  सफलता पर माता द्वारा बच्चों के तिलक के उपरांत मिठाई खिलाकर हौसला अफजाई किया  सक्षम द्वारा अर्जित अंक की प्राप्तांक की प्रति | Prabhat Khabar Network

सक्षम कुमार. | Prabhat Khabar Network

NEET-UG 2026 : मधेपुरा जिले के मुरलीगंज निवासी सक्षम गुप्ता ने NEET-UG 2026 के संशोधित परिणामों में ऑल इंडिया 202वीं रैंक प्राप्त की है. 720 में से 685 अंकों के साथ, उन्होंने अपनी मेहनत और लगन से डॉक्टर बनने का सपना साकार किया है.

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NEET-UG 2026 : नीट यूजी 2026 के संशोधित परिणाम में मधेपुरा जिले के मुरलीगंज निवासी सक्षम गुप्ता ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ऑल इंडिया 202वीं रैंक प्राप्त की है. 720 में 685 अंक और 99.98 पर्सेंटाइल हासिल करने वाले सक्षम ने पहले ही प्रयास में यह उपलब्धि हासिल कर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है.

685 अंक के साथ हासिल की ऑल इंडिया 202वीं रैंक

मुरलीगंज नगर पंचायत के वार्ड संख्या-8 निवासी छोटे किराना व्यवसायी श्याम कुमार गुप्ता के पुत्र सक्षम गुप्ता ने संशोधित NEET-UG 2026 परिणाम में 720 में 685 अंक प्राप्त किए. उन्हें 99.98 पर्सेंटाइल मिला, जबकि ओबीसी-एनसीएल श्रेणी में कैटेगरी रैंक 49 हासिल हुई.

स्कूल से दक्षिणा फाउंडेशन तक शानदार शैक्षणिक सफर

सक्षम की प्रारंभिक शिक्षा कक्षा एक से चार तक ऑक्सफोर्ड पब्लिक स्कूल में हुई. इसके बाद उन्होंने नवोदय विद्यालय प्रवेश परीक्षा की तैयारी के लिए पूर्णिया का रुख किया और चयन के बाद जवाहर नवोदय विद्यालय, सुखासन में दाखिला लिया. दसवीं बोर्ड परीक्षा में उन्होंने 95 प्रतिशत अंक प्राप्त किए. बाद में उनका चयन देश के प्रतिष्ठित दक्षिणा फाउंडेशन, पुणे में हुआ, जहां 12वीं में भी उन्होंने 95 प्रतिशत अंक हासिल किए और वहीं रहकर नीट की तैयारी की.

तीनों विषयों में शानदार पर्सेंटाइल

जारी स्कोर कार्ड के अनुसार सक्षम को जीवविज्ञान में 99.86 पर्सेंटाइल, रसायन विज्ञान में 99.99 पर्सेंटाइल तथा भौतिकी में 99.98 पर्सेंटाइल प्राप्त हुए. पहले ही प्रयास में मिली यह सफलता उनकी कड़ी मेहनत और अनुशासित तैयारी का परिणाम मानी जा रही है.

परिवार की मेहनत और त्याग का मिला फल

पिता श्याम कुमार गुप्ता ने कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने बेटे की पढ़ाई में कभी कोई कमी नहीं आने दी. माता सरिका देवी ने बताया कि सक्षम बचपन से ही पढ़ाई के प्रति गंभीर और अनुशासित था. दादा गजाधर प्रसाद गुप्ता और दादी ने भावुक होकर कहा कि पोते ने उनका डॉक्टर बनने का सपना पूरा कर दिया.

सफलता का श्रेय माता-पिता और शिक्षकों को

सक्षम गुप्ता ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता के त्याग, शिक्षकों के मार्गदर्शन और नियमित अध्ययन को दिया. उन्होंने कहा कि निरंतर मेहनत, समय का सही प्रबंधन और लक्ष्य के प्रति समर्पण ही उनकी सफलता की सबसे बड़ी कुंजी रहे.


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