तनाव : कारण व निवारण विषयक सेमिनार का हुआ आयोजन
मधेपुरा.
ठाकुर प्रसाद महाविद्यालय के स्नातकोत्तर मनोविज्ञान विभाग में शुक्रवार को तनाव : कारण व निवारण विषयक सेमिनार का आयोजन किया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधानाचार्य प्रो कैलाश प्रसाद यादव ने की. उन्होंने कहा कि आज के भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव आम समस्या बन गयी है. इससे सभी उम्र के व्यक्ति पीड़ित हैं. आज युवाओं के अलावा बच्चे व बुजुर्ग भी तनावग्रस्त हो रहे हैं. उन्होंने कहा कि तनाव हमारे शरीर की एक स्वाभाविक प्रतिक्रिया है. इसका सामना हम तब करते हैं, जब हम किसी भी कारणवश दबाव में होते हैं. इस दबाव के कारण हम कोई भी कार्य नहीं कर पाते हैं या उसमें लगातार गलतियां करते रहते हैं. हालांकि हल्के मात्रा में तनाव जरूरी है, क्योंकि उसी स्थिति में हम अपना सर्वोत्तम प्रदर्शन दे पाते हैं, लेकिन ज्यादा तनाव हमारे लिए घातक है.वर्तमान में जीना जरूरी
विशिष्ट अतिथि डॉ सुधांशु शेखर ने कहा कि जब हम अतीत से आक्रांत होते हैं और भविष्य की चिंता करते हैं, तो हम तनावग्रस्त हो जाते हैं. इसलिये हमें वर्तमान में जीना चाहिये. हमें निष्काम भाव से कर्म करते रहना चाहिए और फल की चिंता नहीं करनी चाहिये.तनाव से बचना जरूरी
कार्यक्रम का संचालन विभागाध्यक्ष डॉ राकेश कुमार ने कहा कि लंबे समय तक तनाव रहने से हमारे मानसिक व शारीरिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है. इसके कारण कई स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं. इनमें अचानक वजन कम होना, नींद में खलल आना और पाचन संबंधी समस्याएं शामिल हैं. इसलिए तनाव के कारणों को समझें और जल्द से जल्द इलाज लें.स्वस्थ जीवनशैली को अपनाएं
धन्यवाद ज्ञापन असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ मधुनंदा ने कहा कि तनाव को दूर करने हमें स्वस्थ जीवनशैली को अपनाना चाहिये. तनाव से बचने के लिए हमें रोजाना योग व ध्यान करने से तनाव कम होता है. संगीत सुनने से मन शांत रहता है. पर्याप्त नींद लेने से तनाव बहुत कम होता है. इस अवसर पर विशेष रूप से यूजी चतुर्थ सेमेस्टर छात्र-छात्राएं उपस्थित थे. इनमें विकास, चंदा, मौसम, सिक्की, राधिका, रानी, रेखा, नीमा, अनीता, गुंजन, सिंपल, अनोखा, हिमांशु, उषा आरती, रोशनी खातून, अभिलाषा, बाबुल, अमन, अस्मिता व मुस्कान आदि उपस्थित थे.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

