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कुलपति से 17 कर्मियों के 15 वर्षों से बकाये पारिश्रमिक का भुगतान किये जाने की मांग

Updated at : 18 Apr 2025 6:12 PM (IST)
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कुलपति से 17 कर्मियों के 15 वर्षों से बकाये पारिश्रमिक का भुगतान किये जाने की मांग

कुलपति से 17 कर्मियों के 15 वर्षों से बकाये पारिश्रमिक का भुगतान किये जाने की मांग

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मधेपुरा. भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय मुख्यालय स्थित सात स्नातकोत्तर विभागों व विश्वविद्यालय कार्यालय में कार्यरत 17 कर्मियों के गत 15 वर्षों से बकाये पारिश्रमिक का भुगतान किये जाने की मांग बीएनएमयू के विद्वत परिषद की सदस्य प्रज्ञा प्रसाद ने कुलपति प्रो विमलेंदु शेखर झा से की है. बीएनएमयू के विद्वत परिषद की सदस्य प्रज्ञा ने कुलपति को पत्र भेज कर गत 15 वर्षों से विश्वविद्यालय मुख्यालय स्थित सात स्नातकोत्तर विभागों व विश्वविद्यालय कार्यालय में कार्यरत 17 कर्मियों के बकाये पारिश्रमिक का भुगतान श्रम संसाधन विभाग के द्वारा स्वीकृत न्यूनतम मजदूरी दर से करने का अनुरोध किया है. स्थायी नियुक्ति के लिए पहल नहीं किया जाना खेदजनक प्रज्ञा ने कुलपति से इन कर्मियों की सेवा नियमितीकरण के लिए शीघ्र प्रक्रिया प्रारंभ करने के लिए भी अनुरोध किया है. इन स्नातकोत्तर विभागों में दो वर्ष पूर्व ही राज्य सरकार द्वारा तृतीय वर्गीय कर्मियों के कुल 36 पद तथा चतुर्थ वर्गीय कर्मियों के 72 पद यानी एक सौ नौ पद स्वीकृत किया गया है, जिस पर अब तक स्थायी नियुक्ति के लिए किसी प्रकार का पहल नहीं किया जाना खेदजनक है. 16 जुलाई 2024 को कुलपति के आदेश से किया गया कार्यमुक्त उन्होंने बताया कि इन 17 कर्मियों में से 13 कर्मी वर्ष 2010 से स्नातकोत्तर विभागों की स्थापना काल से ही निरंतर कार्य कर रहे हैं . इन कर्मियों के दैनिक पारिश्रमिक के नियमित भुगतान के लिए अभिषद द्वारा गठित उच्च स्तरीय समिति की अनुशंसा पर अभिषद का अनुमोदन भी प्राप्त है. इसके बावजूद गत 16 जुलाई 2024 को कुलपति के आदेश से इन्हें कार्यमुक्त करने के लिए विश्वविद्यालय द्वारा आदेश निर्गत किया गया, लेकिन इसके स्थान पर अद्यतन किसी भी स्थायी कर्मी का पद स्थापन नहीं किया गया है. कर्मियों के अभाव में कार्यालय का कार्य करने को विवश हैं शिक्षक शैक्षणिक परिसर स्थित सभी सात स्नातकोत्तर विभागों के शिक्षक लचारवश कार्यमुक्त किये गये इन कर्मियों के अभाव में कार्यालय का कार्य करने को विवश हैं. इन विसंगतियों के कारण स्नातकोत्तर विभागों में अराजकता कि स्थिति उत्पन्न हो गयी है. छात्र-छात्राओं के आवेदन, प्रमाण पत्रों के निर्गमन के लिए चालानों के संधारण व प्रमाण पत्रों जैसी नित्य कार्य प्राध्यापकों को ही करना पड़ रहा है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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Kumar Ashish

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By Kumar Ashish

Kumar Ashish is a contributor at Prabhat Khabar.

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