ePaper

ईश्वर की भक्ति करने से अंदर के पापों का होता नाश

Updated at : 14 Sep 2025 10:20 PM (IST)
विज्ञापन
ईश्वर की भक्ति करने से अंदर के पापों का होता नाश

ईश्वर की भक्ति करने से अंदर के पापों का होता नाश

विज्ञापन

उदाकिशुनगंज. दिव्य ज्योति जागृति संस्थान के तत्वावधान में परम् पूज्य आशुतोष जी महाराज के सानिध्य में एक दिवसीय मासिक सत्संग में श्रद्धालुओं की अपार भीड़ उमड़ पड़ी. उदाकिशुनगंज मुख्यालय स्थित सत्संग भवन में सत्संग के दौरान प्रवचन करते स्वामी सुकर्मानंद जी महाराज ने कहा कि संतों की अमृतवाणी श्रवण मात्र करने से ही मानव जीवन का कल्याण हो जाता है. लेकिन आज के आधुनिकता के दौर में लोग ईश्वर की भक्ति करना भूल गये हैं. जो लोग अपने जीवन के इन व्यस्ततम समय में से कुछ समय ईश्वर की भक्ति में लगाते हैं. उनका जीवन कल्याण हो जाता है. मनुष्य को हमेशा अच्छे कर्मों पर चलना चाहिए. संतों की संगति से मन के अंदर की विकृतियों का नाश होता है और संसारिक जीवन उनका सुखमय हो जाता है. सत्संग में साध्वी शीतला भारती,साध्वी पुष्पा भारती, साध्वी निगम भारती,सुमन जी ने अपने भजन व प्रवचन से श्रधालुओं को भाव विभोर कर सारा वातावरण भक्तिमय हो गया. सत्संग के समापन के पश्चात श्रधालुओं के लिए भंडारा का आयोजन किया गया. मौके पर सत्संग को सफल बनाने में ओमप्रकाश यादव, घनश्याम यादव, विजय गुप्ता, राजकुमार गुप्ता, सचिन यादव, कृत्यानंद जी समेत समस्त नगर वासियों का सराहनीय योगदान देखा गया.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
Kumar Ashish

लेखक के बारे में

By Kumar Ashish

Kumar Ashish is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन