बीएनएमयू में फर्जीवाड़ा कर प्रोफेसर बनीं पूर्व प्राचार्य, प्राथमिकी

Published at :27 Oct 2016 5:36 AM (IST)
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बीएनएमयू में फर्जीवाड़ा कर प्रोफेसर बनीं पूर्व प्राचार्य, प्राथमिकी

मधेपुरा : भूपेंद्र नारायण मंडल विवि में पूर्व प्राचार्य द्वारा फर्जी तरीके से प्रोफेसर बनने का रहस्योद्घाटन हुआ है. इस मामले में प्रोन्नति के लिए झूठी जानकारी देकर प्रोफेसर बनने व अधिक वेतन लेने के मामले में निगरानी विभाग ने एमजेएम महिला कॉलेज कटिहार की पूर्व प्राचार्या पर कार्रवाई कर इसे संगीन अपराध मानते हुए […]

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मधेपुरा : भूपेंद्र नारायण मंडल विवि में पूर्व प्राचार्य द्वारा फर्जी तरीके से प्रोफेसर बनने का रहस्योद्घाटन हुआ है. इस मामले में प्रोन्नति के लिए झूठी जानकारी देकर प्रोफेसर बनने व अधिक वेतन लेने के मामले में निगरानी विभाग ने एमजेएम महिला कॉलेज कटिहार की पूर्व प्राचार्या पर कार्रवाई कर इसे संगीन अपराध मानते हुए प्राथमिकी दर्ज करायी है.

दर्ज प्राथमिकी में निगरानी अन्वेशन ब्योरो पटना के पुलिस अधीक्षक सह थानाध्यक्ष ने एमजीएम महिला कॉलेज के पूर्व प्राचार्य डाॅ मंजू वर्मा पर धोखाधड़ी व जालसाजी से फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत कर प्रोफेसर बनने की बात कही है. हालांकि, निगरानी ने जांच के दौरान आरोपित का भी पक्ष लिया है. वहीं निगरानी ने कुलपति के

बीएनएमयू में फर्जीवाड़ा…

नाम त्वरित कार्रवाई के लिए पत्र प्रेषित किया है. पत्र में कहा गया है कि पूर्व प्राचार्य के विरुद्ध निगरानी थाना कांड संख्या 90-16 दर्ज कर लिया गया है. उधर, बीएन मंडल विवि के कुसचिव डा कुमारेश प्रसाद सिंह ने कहा कि निगरानी द्वारा दर्ज प्राथमिकी के आधार पर विवि प्रशासन आगे की कार्रवाई करेगी.

निगरानी जांच से हुआ फर्जीवाड़े का खुलासा

एमजीएम महिला कॉलेज के पूर्व प्राचार्य पर लगे आरोपों की जांच निगरानी द्वारा की गयी. जांच के दौरान निगरानी ने पाया कि पूर्व प्राचार्य ने धोखाधड़ी और जालसाजी से फर्जी अभिलेख तैयार व प्रस्तुत कर गलत तरीके से प्रोफेसर का पद प्राप्त की. निगरानी के प्रारंभिक जांच में उपलब्ध तथ्यों से स्पष्ट हुआ कि आरोपित द्वारा यूजीसी के देनों मापदंडों को प्रोन्नति बोर्ड के समय पूरा नहीं कर रही थी. लेकिन उन्होंने फर्जी अभिलखों को उपस्थापित कर प्रोन्नति पाने में सफल हुई. निगरानी ने उल्लेख करते हुए कहा है कि बीएन मंडल विवि मधेपुरा की अनुशासन समिति ने भी उपरोक्त गड़बड़ी को जांच में सही पाया तथा आरोपित को निलंबित कर दिया था.

माननीय कुलपति के नाम निगरानी अन्वेषन ब्यूरो पटना के पुलिस अधीक्षक का पत्र विवि को प्राप्त हुआ है. पत्र में एमजीएम कॉलेज कटिहार के पूर्व प्राचार्य डा मंजू वर्मा के के विरुद्ध धारा 409, 420,467,468,471 भादवि एवं भ्रष्टाचार नियम अधिनियम 1988 की तहत प्राथमिकी दर्ज होने की बात कही गयी है. निगरानी के पुलिस अधीक्षक ने निगरानी थाना कांड संख्या 90-16 की छाया प्रति उपलब्ध कराते हुए आवश्यक कार्रवाई के लिए विवि को भेजी है. निगरानी द्वारा दर्ज प्राथमिकी के आधार पर विवि प्रशासन आगे की कार्रवाई करेगी.

डाॅ कुमारेश प्रसाद सिंह, कुलसचिव, बीएनएमयू

एमजेएम महिला कॉलेज कटिहार की पूर्व प्राचार्या डाॅ मंजू वर्मा पर धोखाधड़ी व जालसाजी का आरोप

पूर्व प्राचार्य ने पद का दुरुपयोग कर लाखों का किया गबन

निगरानी ने इसे संगीन अपराध मानते हुए दर्ज करायी प्राथमिकी

गलत अभिलेख प्रस्तुत कर प्रोफेसर बनने वालों में मचा हड़कंप

दर्ज प्राथमिकी के आधार पर बीएनएमयू प्रशासन करेगा आगे की कार्रवाई

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