आज का साहित्य राजनीति की गिरफ्त में

मधेपुरा: जिला मुख्यालय स्थित आंबेडकर छात्रवास में रविवार को शिव राजेश्वरी युवा सृजन क्लब के वार्षिक अधिवेशन में वर्तमान साहित्य और युवा विषय पर गोष्ठी का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का उद्घाटन रमेश झा महिला कॉलेज सहरसा की प्राचार्या डॉ रेणु सिंह ने किया. वहीं कार्यक्रम की अध्यक्षता हिंदी विभाग के विद्वान शिक्षक व महान […]
वहीं कार्यक्रम की अध्यक्षता हिंदी विभाग के विद्वान शिक्षक व महान कवि डॉ सिद्धेश्वर काश्यप ने की. गोष्ठी को संबोधित करते हुए प्राचार्या डॉ सिंह ने कहा कि आज का साहित्य बाजारबाद और राजनीति की गिरफ्त में है, लेकिन युवा रचनाकार आधुनिक उत्तर आधुनिक के इस दौर में भी समय और समाज का साक्षात्कार कर मानवीय अस्मिता और स्वतंत्रता को वाणी देने का कार्य कर रही है. इस मौके पर डॉ आलोक कुमार ने कहा कि युवा पीढ़ी अपनी रचनाओं में समय का साक्षात्कार करते है, और आधुनिक उत्तर आधुनिक जीवन की विडंबनाओं को उजागर करते है. डा रत्नेश सिंह ने कहा कि साहित्य और राजनीति की परस्परता सर्व स्वीकृहै. साहित्य में राजनीति अभिव्यक्ति पाती है, लेकिन साहित्य के लिए राजनीति कला मानवीय अस्मिता के लिए हानिकारक है.
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