प्रमाण पत्र की जांच के आदेश से फर्जी शिक्षकों में हड़कंप

उदाकिशुनगंज. फर्जी शैक्षणिक प्रमाणपत्र के आधार पर कार्यरत नियोजित शिक्षकों में हड़कंप है. ऐसे शिक्षक अपने-अपने शैक्षणिक प्रमाण पत्र बीआरसी में जमा करने में विलंब कर रहे है. प्रमाण पत्रों की जांच 24-25 जुलाई को किया जाना है,लेकिन उससे पूर्व शैक्षणिक प्रमाण पत्रों को बीआरसी में जमा किया जाना है. प्रमाण पत्र जमा करने की […]
उदाकिशुनगंज. फर्जी शैक्षणिक प्रमाणपत्र के आधार पर कार्यरत नियोजित शिक्षकों में हड़कंप है. ऐसे शिक्षक अपने-अपने शैक्षणिक प्रमाण पत्र बीआरसी में जमा करने में विलंब कर रहे है.
प्रमाण पत्रों की जांच 24-25 जुलाई को किया जाना है,लेकिन उससे पूर्व शैक्षणिक प्रमाण पत्रों को बीआरसी में जमा किया जाना है. प्रमाण पत्र जमा करने की गति धीमी है. स्थानीय प्रखंड में नियोजित प्रखंड शिक्षकों की संख्या 499 है, जबकि पंचायत शिक्षकों की संख्या 181 है. वर्तमान में बीआरसी जमा प्रमाण पत्र नहीं के बराबर है.
बीआरसी चंद्र किशोर केशरी ने बताया कि अभी तक चंद नियोजित शिक्षकों द्वारा ही शैक्षणिक प्रमाण पत्र जमा किया गया है. दरअसल प्रमाण पत्र जमा करने में फर्जी चिकित्सकों की दिलचस्पी ही नहीं है. हालांकि बावजूद इसके भी वे जांच से बच नहीं पायेंगे. अगर फर्जी पाये गये तो वैसे शिक्षकों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करायी जायेगी. साथ ही लिये गये मानदेय राशि भी वापस करने होंगे. 2006 से नियोजित शिक्षकों के प्रमाण पत्रों की जांच की जानी है.
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