अस्पताल परिसर में खुला नाला दे रहा बीमारियों को आमंत्रण

Updated at : 19 Feb 2020 7:53 AM (IST)
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अस्पताल परिसर में खुला नाला दे रहा बीमारियों को आमंत्रण

मधेपुरा : सदर अस्पताल के परिसर में खुला नाला बीमारी को आमंत्रण दे रहा है. मौसम का बदलाव निरंतर जारी है. गर्मी का आगाज हो गया है. गर्मी में जलजमाव व आसपास फैला कचरा के कारण बीमारियां ज्यादा पनपती है. स्थिति यह है कि अपने बीमारी का इलाज कराने आए लोग अस्पताल से बीमार होकर […]

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मधेपुरा : सदर अस्पताल के परिसर में खुला नाला बीमारी को आमंत्रण दे रहा है. मौसम का बदलाव निरंतर जारी है. गर्मी का आगाज हो गया है. गर्मी में जलजमाव व आसपास फैला कचरा के कारण बीमारियां ज्यादा पनपती है.

स्थिति यह है कि अपने बीमारी का इलाज कराने आए लोग अस्पताल से बीमार होकर जाने को मजबूर हैं लेकिन अस्पताल प्रशासन मूकदर्शक बनी बैठी है. इस बाबत मरीज व उनके परिजनों ने बताया कि जलजमाव व आसपास फैले कचरे जैसी समस्याओं को लेकर कई बार अस्पताल अस्पताल प्रशासन से शिकायत की गयी है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है. ज्ञात हो सदर अस्पताल में पानी के निकासी के लिए कोई उचित प्रावधान नहीं किया गया है.
इस कारण डेंगू, मलेरिया के मच्छर पानी में पनप रहे हैं और मरीज इन बीमारियों के चपेट में आ रहे हैं, लेकिन अस्पताल प्रशासन इन बातों को लेकर अनजान बनी बैठी है. यही नाली का पानी बरसात के पानी से मिलकर पूरे अस्पताल में जलजमाव का आलम बना रहता है. गौरतलब है कि नाले के गंदे व जमें पानीयों में सबसे ज्यादा डेंगू होने का खतरा रहता है. यह बुखार कितना खतरनाक होता है कि मरीज की जान तक जा सकती है.
मौसम में परिवर्तन होते ही डेंगू के मरीजों की संख्य लगातार बढ़ने लगती है. डेंगू बुखार होने पर सफाई का ध्यान रखने की जरूरत होती है. इलाज में खून को बदलने की जरूरत आती है इसलिए अस्पताल में रहने से सुविधा होना अनिवार्य है, लेकिन जहां खुद अस्पताल गंदगी से पटा हुआ है वहां लोग डेंगू जैसे वायरल बीमारियों को लेकर कैसे इलाज कराने जा सकते है.
पिछले वर्ष भी गर्मी व बरसात के मौसम में कई डेंगू के मरीज सदर अस्पताल इलाज करवाने आये लेकिन अस्पताल की दयनीय स्थिति को देखते हुए मरीज के परिजनों ने उन्हें प्राइवेट क्लीनिक में ले जाकर भर्ती करवा दिया.
हर उम्र के लोगों को हो सकता है डेंगू
डेंगू बुखार मच्छरों ने फैले हुए चार प्रकार के डेंगू वायरस के कारण होता है. सभी वायरस एडीज एजिप्टी एडीस एल्बोपिक्ट मच्छर के रूप में मच्छर प्रजातियों के माध्यम से फैलते हैं. ये बुखार हर उम्र के व्यक्ति को हो सकता है, लेकिन बच्चों व बुजुर्ग को ज्यादा देखभाल की जरूरत होती है. साथ ही दिल की बीमारी के मरीजों का भी खास ख्याल रखने की जरूरत होती है.
डेंगू के लक्षण: डेंगू बुखार के लक्षण आम बुखार से थोड़े अलग होते हैं. बुखार बहुत तेज होता है. साथ में कमजोरी हो जाती है और चक्कर आते हैं. कई लोगों में चक्कर आने से बेहोशी भी देखी गई है. ऐसे में मुंह का स्वाद बदल जाता है और उल्टी भी आती है. सरदर्द, पीठ में दर्द और बदन दर्द भी होता है. कई लोगों को त्वचा पर रैशेज भी हो जाते हैं. अक्सर बुखार होने पर लोग घर पर क्रोसिन जैसी दवाओं से खुद ही अपना इलाज करते हैं. लेकिन, डेंगू बुखार के लक्षण दिखने पर थोड़ी देर भी भारी पड़ सकती है. लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर को दिखाएं.
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