और भी फीस घटाये विवि, लेकिन संस्थानों को मुहैया कराये अनुदान

Updated at : 01 May 2019 6:50 AM (IST)
विज्ञापन
और भी फीस घटाये विवि, लेकिन संस्थानों को मुहैया कराये अनुदान

मधेपुरा : बीएड फीस निर्धारण व कार्यरत शिक्षकों के सेवाशर्त संबंधी मुद्दों पर बीएन मंडल विवि द्वारा जारी प्रेस में दिये गये वक्तव्यों पर बीएड संचालित संस्थानों के शिक्षकों ने आपत्ति दर्ज करते हुए प्रतिक्रिया दी है. उनका कहना है कि विवि प्रशासन द्वारा फीस को घटाना छात्र हित में एक स्वागत योग्य कदम है, […]

विज्ञापन

मधेपुरा : बीएड फीस निर्धारण व कार्यरत शिक्षकों के सेवाशर्त संबंधी मुद्दों पर बीएन मंडल विवि द्वारा जारी प्रेस में दिये गये वक्तव्यों पर बीएड संचालित संस्थानों के शिक्षकों ने आपत्ति दर्ज करते हुए प्रतिक्रिया दी है. उनका कहना है कि विवि प्रशासन द्वारा फीस को घटाना छात्र हित में एक स्वागत योग्य कदम है, लेकिन विवि प्रशासन को अपने कार्यरत शिक्षक व शिक्षकेत्तर कर्मियों की भी चिंता करनी चाहिये.

विवि प्रशासन को चाहिये कि वह और भी फीस घटोतरी कर बीएड संस्थानों के लिए वित्तीय अनुदान उपलब्ध कराये. ताकि इस क्षेत्र के विद्यार्थियों को शिक्षक प्रशिक्षण प्राप्त करने में सुविधा प्राप्त हो.
ज्ञात हो कि बीएन मंडल विवि प्रशासन द्वारा स्व-वित्तपोषित योजनान्तर्गत संचालित द्विवर्षीय बीएड पाठ्यक्रम के फीस के नाम पर एक लाख पांच हजार रुपये मात्र की राशि निर्धारित कर दी गयी है. सीडब्लूजेसी नंबर -10534/2017 के मामले में उच्च न्यायालय बिहार पटना द्वारा 20-06-2018 को पारित न्यायादेश के आलोक में द्विवर्षीय बीएड के फीस के रूप में कुल 1,50,000 रुपये की राशि निर्धारित की जा चुकी है.
बीएड सत्र 2018-2020 के प्रशिक्षुओं से भी उक्त न्यायादेश के आलोक में हीं फीस लेकर नामांकन लिया गया है. उक्त आदेश के आलोक में विद्यार्थियों को फीस के लिए शिक्षा ऋण प्राप्त करने की अनुशंसा संबंधित बैंक को महाविद्यालय प्रशासन द्वारा की गयी है.
उनका कहना है कि विशेष कार्य पदाधिकारी (न्यायिक कार्य) महामहिम राज्यपाल सचिवालय, राजभवन, पटना तथा निदेशक, शोध व प्रशिक्षण शिक्षाविभाग, बिहार सरकार द्वारा जारी पत्र के माध्यम से उक्त पारित न्यायादेश के अनुपालन के लिए राज्य के सभी विश्वविद्यालयों के कुलसचिवों को भी निदेशित किया गया है.
ध्यान देने वाली बात यह है कि कुलसचिव, भूना मंडल विवि मधेपुरा द्वारा भी उक्त न्यायादेश के अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए महाविद्यालय प्रशासन को पत्र प्रेषित किया जा चुका है, लेकिन अद्यतन इसका अनुपालन सुनिश्चित नहीं किया गया है.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन