धड़ल्ले से चल रहे ओवरलोड वाहन, कोई रोक-टोक नहीं
Updated at : 25 May 2018 5:52 AM (IST)
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परिवहन विभाग को हादसे का इंतजार मधेपुरा : जिले में ओवरलोडिंग का खेल बदस्तूर जारी है. बस, ऑटो, ट्रक, ट्रैक्टर व अन्य वाहन पर क्षमता से ज्यादा माल लादकर ढोया जा रहा है. यही नहीं बस की बात करें तो बस ड्राइवर ज्यादा पैसा कमाने के चक्कर में बस के छत के ऊपर माल के […]
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परिवहन विभाग को हादसे का इंतजार
मधेपुरा : जिले में ओवरलोडिंग का खेल बदस्तूर जारी है. बस, ऑटो, ट्रक, ट्रैक्टर व अन्य वाहन पर क्षमता से ज्यादा माल लादकर ढोया जा रहा है. यही नहीं बस की बात करें तो बस ड्राइवर ज्यादा पैसा कमाने के चक्कर में बस के छत के ऊपर माल के साथ-साथ यात्रियों को भी बैठा कर चल देते हैं. खुले आम नियमों की धच्चियां उड़ाते हैं. सबसे विकराल स्थिति ऑटो चालक उत्पन्न करते हैं. इनके पास परमिट होता है 12 से 20 किलोमीटर तक का और ज्यादा पैसा कमाने के लालच में नियम को ताक पर रखकर 50 किलोमीटर तक की यात्रा कर डालते हैं. इतना ही नहीं ऑटो में जितनी सीट होती है.
उसके मुताबिक यात्रियों को नहीं बैठाया जाता है. बल्कि उससे ज्यादा गाय, भैंस, माल की तरह लोड कर यात्रियों को बैठाकर सफर पर लेकर चल देते हैं. जिले में ऑटो दुर्घटना की खबर आते रहता है. ऑटो चालक में अधिकांश नाबालिग चालक होते हैं. जिनके पास लाइसेंस भी नहीं रहता है.
जिला परिवहन की ओर से कई बार अभियान भी चलाया जाता है, लेकिन कोई खास असर इन लोगों पर नहीं पड़ता है. दूसरे दिन हौसला को बुलंद कर यह लोग फिर से ओवरलोडिंग के खेल में लग जाते हैं. खासकर एसएफसी से खाद्यान्न उठाव के दौरान अधिकारियों के सामने ओवरलोडिंग का खेल बदस्तूर जारी है.
परिवहन विभाग के नियम: परिवहन विभाग के नियमानुसार अगर चालक परमिट का उल्लंघन करते हैं, तो उन्हें दो से पांच हजार तक जुर्माना किया जाता है. सड़क पर यदि क्षमता से अधिक माल लोड है तो प्रत्येक टन के हिसाब से जुर्माना लगाया जाता है. बस में क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाने या माल लोड करने पर दो से पांच हजार जुर्माना लगाये जाने का प्रावधान है.
वाहन के छत पर यात्रा, मौत को दावत
ओवरलोडेड बस के छत पर सवारी करने वाले यात्रियों के सर पर भी मौत लटकती रहती है. ज्ञात हो कि बाजार में अधिकांश जगह बिजली का हाइवोल्टेज तार पोल से नीचे लटकता रहता है. ऐसे में बस के संपर्क में आने से कभी भी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता है. इस प्रकार की लापरवाही में पहले भी कई हादसे हो चुके है. बस की छत पर सवारी करने वालों पर लगाम लगाने के लिए परिवहन विभाग कोई कार्रवाई नहीं कर रही है.
गत आठ दिनों से वाहन जांच अभियान बंद है, इसे नियमित किया जायेगा. बस की छत पर यात्रियों को ढ़ोने वाले बस मालिक व ओवरलोडेड वाहनों के विरूद्ध विभाग अभियान चलाकर कार्रवाई करेगी.
मो अब्दुल रज्जाक, डीटीओ, मधेपुरा
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