अब सरकारी कर्मियों को नहीं लगाना होगा ट्रेजरी का चक्कर

Updated at : 24 May 2018 6:13 AM (IST)
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अब सरकारी कर्मियों को नहीं लगाना होगा ट्रेजरी का चक्कर

अब विपत्रों का भुगतान ऑनलाइन संवेदकों, वेंडरों, आपूर्तिकर्ताओं व लाभुकों के भुगतान में होगी पारदर्शिता मधेपुरा : स्वास्थ्य विभाग सहित सभी सरकारी विभाग में आगामी माह से सभी प्रकार के विपत्रों का भुगतान समेकित वित्तीय प्रबंधन प्रणाली द्वारा किया जायेगा. या यूं कहें कि सभी कार्य पेपर लेस होगा. सभी प्रकार के विपत्रों का आदान- […]

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अब विपत्रों का भुगतान ऑनलाइन

संवेदकों, वेंडरों, आपूर्तिकर्ताओं व लाभुकों के भुगतान में होगी पारदर्शिता
मधेपुरा : स्वास्थ्य विभाग सहित सभी सरकारी विभाग में आगामी माह से सभी प्रकार के विपत्रों का भुगतान समेकित वित्तीय प्रबंधन प्रणाली द्वारा किया जायेगा. या यूं कहें कि सभी कार्य पेपर लेस होगा. सभी प्रकार के विपत्रों का आदान- प्रदान ऑनलाइन किया जायेगा. इसके कारण कर्मियों को विपत्र भुगतान के लिए ट्रेजरी का चक्कर लगाने से राहत होगा. इसके लिए विभाग द्वारा सीएस, एसीएमओ, सभी विभाग के निकासी व व्ययन पदाधिकारी तथा विपत्र बनाने वाले कर्मियों को दो दिवसीय प्रशिक्षण देकर प्रशिक्षित किया गया है. पेपर लेस सिस्टम वैसे तो सभी विभागों में लागू होने जा रही है. फिलवक्त स्वास्थ्य विभाग में इस कार्य को अमलीजामा पहनाने की तैयारी पूरी हो गयी है.
कर्मियों का वेतन भुगतान होगा आॅनलाइन: प्रभारी सीएस डाॅ अभय प्रसाद ने बताया कि जिस प्रकार बैंकिंग सिस्टम में सभी कार्य पेपर लेस किया जा रहा है. सरकार वैसा ही पेपर लेस अन्य विभागों में भी करने जा रही है. इसी संदर्भ में विभाग द्वारा सभी निकासी व व्ययन पदाधिकारी को प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है. स्वास्थ्य विभाग में कर्मियों का वेतन भुगतान भी ऑन लाइन सिस्टम से ही किया जायेगा.
पहले भुगतान में होता था विलंब:
पूर्व में ट्रेजरी से विपत्र पारित होने के बाद बैंक से आरटीजीएस के माध्यम लाभुकों के खातों में भुगतान की प्रकिया होती थी. इस प्रकियात्मक कार्रवाई में विलंब होता था. सरकार ने आरबीआइ के ई-कुबेर साफ्टवेयर के जरिए ट्रेजरी से सीधे लाभुकों के खाते में भुगतान को मंजूरी दी गयी है.
मिनटों में निबट जायेगा काम
पूर्व में विपत्र पारित कराने के लिए विपत्र लेकर कर्मियों को ट्रेजरी जाना पड़ता था, जिसमें घंटों बैठकर अपने विभाग का विपत्र पास कराने के लिए समय गंवाना पड़ता था, लेकिन अब पेपर लेस होने से सभी विपत्रों को ट्रेजरी में ऑनलाइन भेजा जायेगा. ट्रेजरी द्वारा विपत्र की त्रुटियों को भी संबंधित विभाग में ऑन लाइन ही भेजा जायेगा. पारित विपत्र को मिनट से कम समय में आरबीआई के पोर्टल के माध्यम से संबंधित व्यक्ति के खाते में पैसा पहुंच जायेगा. ज्ञात हो कि बिहार सरकार द्वारा यह योजना सभी कार्यालयों में लागू किये जाने का आदेश निर्गत किया जा चुका है.
आरबीआइ के ई-कुबेर साफ्टवेयर के जरिये ट्रेजरी से सीधे लाभुकों के खाते में भुगतान किया जायेगा. व्यापक ट्रेजरी प्रबंधन सूचना प्रणाली (सीटीएमआइएस) के अंतर्गत ई-पेमेंट के माध्यम सभी प्रकार का भुगतान सीधे लाभुकों अथवा भुगतान प्राप्तकर्ताओं के बैंक खाते में आरबीआइ द्वारा क्रेडिट किया जायेगा. राज्य सरकार के खाते से निकासी की गयी राशि सीधे अब लाभुकों को प्राप्त होगी. निकासी व व्ययन पदाधिकारी को बैंक में राशि संचित करने की आवश्यक्ता नहीं होगी. संवेदकों, वेंडरों, आपूर्तिकर्ताओं व लाभुकों को किए जाने वाले भुगतान में पारदर्शिता आएगी तथा सरकारी राशि की क्षमता में वृद्धि होगी. राज्य में डिजिटल भुगतान को बढावा मिलेगा.
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