मौखिक होती जमा व निकासी खाते से गायब हो रहा है पैसा

Updated at : 31 Oct 2017 5:15 AM (IST)
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मौखिक होती जमा व निकासी खाते से गायब हो रहा है पैसा

धोखाधड़ी. ग्राहक सेवा केंद्र बन गया असुविधा केंद्र सोनवर्षाराज : गांव-गांव तक लोगों को बैकिंग सुविधा उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न राष्ट्रीयकृत बैंकों द्वारा पंचायत स्तर पर ग्राहक सेवा केंद्र योजना प्रारंभ होने के साथ ही लाल फीताशाही की शिकार होकर गरीब अनपढ़ लोगों से अवैध उगाही का अड्डा बनकर रह गया है. इन सीएसपी […]

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धोखाधड़ी. ग्राहक सेवा केंद्र बन गया असुविधा केंद्र

सोनवर्षाराज : गांव-गांव तक लोगों को बैकिंग सुविधा उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न राष्ट्रीयकृत बैंकों द्वारा पंचायत स्तर पर ग्राहक सेवा केंद्र योजना प्रारंभ होने के साथ ही लाल फीताशाही की शिकार होकर गरीब अनपढ़ लोगों से अवैध उगाही का अड्डा बनकर रह गया है. इन सीएसपी द्वारा बैंक पासबुक की जगह अपने उपभोक्ताओं को पहचान पत्र देती है. गरीब अनपढ़ उपभोक्ताओं से अगुंलियों के निशान लगवाकर सीएसपी संचालक असानी से धोखाधड़ी कर लेते हैं. यहीं नहीं, शिकायत करने पर सीएसपी संचालक पूरी दंबगई से पेश आते हैं. जिससे निरीह उपभोक्ता बेबस होकर सहन करने को मजबूर हैं. देहद पंचायत के बेहट में स्टेट बैंक ऑॅफ इण्डिया का एक सीएसपी कार्यरत है. इसके उपभोक्ताओं से जानकारी लेने मे कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए.
21 हजार निकाले, तो दिया आठ हजार
देहद पंचायत के मोहनपुर गांव निवासी मो कयाम की पत्नी जैनब खातुन के पुत्र के डूब जाने से हुई मौत के बाद आपदा विभाग से मिले चार लाख रुपये खाते मे जमा किए गए थे. जिसमे से 49 हजार रूपया की निकासी की गयी थी. पुन: 49 हजार की रकम में से 21 हजार 500 की नगद राशि खाते में जैनब ने जमा किया. किसी काम से जब जैनब ने 21500 की राशि निकालनी चाही तो संचालक ने आठ हजार देकर और पैसे देने से मना करते हुए कहा कि तुम्हारे खाते में इतने ही पैसे जमा थे. 1500 ओर लेना है तो ले लो. इसकी शिकायत जैनब ने अपने पति मो कियाम से की तो कियाम संचालक के पास पूछने गया तो उसे धक्का मुक्का करते हुए पासबुक के नाम पर दिया गया पहचान पत्र फेंक कर भगा दिया गया. मोहनपुर गांव के ही सीवन सादा ने अपने तथा अपनी पत्नी तुसीया देवी के नाम से अलग अलग खाता बेहट स्थित सीएसपी बैंक मे खुलवाकर मक्के बेच कर 18-18 हजार रुपये की रकम दोनों खाते मे जमा करवाए थे. काम पड़ने पर सिवन ने 18 हजार रुपये की निकासी अपने खाते से कर लिया. लेकिन पत्नी के खाते में जमा किए गए राशि निकालने जाने पर संचालक ने पैसे नहीं होने की बात कह भगा दिया. जाहिर है पासबुक अपडेट जैसी कोई सुविधा नहीं होने व जमा निकासी परची जैसा सबूत सीएसपी द्वारा नहीं दिए जाने से उपरोक्त पीड़ित उपभोक्ता सिवाय रोने व चिल्लाने के कुछ नहीं कर सके और न ही कर सकते है. क्योंकि इस सीएसपी की कार्यशैली मुंह जवानी जमा निकासी जैसी ही है.
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