डीजल व पेट्रोल जीएसटी के दायरे में लाया जाये : सांसद

Updated at : 24 Sep 2017 5:50 AM (IST)
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डीजल व पेट्रोल जीएसटी के दायरे में लाया जाये : सांसद

जाप दीपावली के बाद बिहार बंद का करेगा आह्वान बिहार में 22 हजार नहर-छहर हैं बंद कुमारखंड : डीजल व पेट्रोल को जीएसटी के दायरे में लाया जाना चाहिए. काफी दिनों के बाद 21 रुपये में कच्चा ईंधन मिल रहा है, तो फिर 63 रुपये पेट्रोल का दाम बढ़ाया गया, ऐसा क्यों? इसके लिए सभी […]

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जाप दीपावली के बाद बिहार बंद का करेगा आह्वान

बिहार में 22 हजार नहर-छहर हैं बंद
कुमारखंड : डीजल व पेट्रोल को जीएसटी के दायरे में लाया जाना चाहिए. काफी दिनों के बाद 21 रुपये में कच्चा ईंधन मिल रहा है, तो फिर 63 रुपये पेट्रोल का दाम बढ़ाया गया, ऐसा क्यों? इसके लिए सभी विपक्षियों को एक होना चाहिए. सरकार डीजल व पेट्रोल को जीएसटी के दायरे में लाये. इसके लिए जाप दीपावली के बाद बिहार बंद का आह्वान करेगी. उक्त बातें जाप के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने खुर्दा स्थित आवास पर पत्रकार वार्ता के दौरान कहीं.
उन्होंने कहा कि वह राज्य सरकार से जानना चाहते हैं कि विशेष राज्य व विशेष पैकेज का मुद्दा कहां चला गया. अब तो राज्य व केंद्र में एक ही सरकार है. फरक्का बांध के निर्माण व भीमनगर बांध का नवीनीकरण, कुसहा त्रासदी की न्यायिक जांच का मुद्दा कहां गया.
नदियों से गाद की सफाई व जल प्रबंधन जैसे मुद्दे छूटे हुये हैं. बिहार में खाना, दवा, स्वास्थ्य, शिक्षा, गरीबी, मजदूरी की समस्या है. शराब का मुद्दा विफल साबित हो गया. 40 बांध टूटे, यह मुद्दा सामने नहीं आया. 38 साल पहले एक नहर गंगा-कहलगांव में बनने लगा, जिसे 800 करोड़ से बढ़ाकर 1300 करोड़ किया. इसमें 80 करोड़ भी खर्च नहीं हुआ, शेष रुपये कहां गये.
इसके लिए न्यायिक जांच हो. बिहार में 22 हजार नहर-छहर बंद हैं. नहरों की सफाई पर अरबों रुपये खर्च हुए, लेकिन नतीजा सिफर रहा. वह सिंचाई मंत्री के इस्तीफे की मांग करते हैं, अन्यथा जनहित याचिका दायर करेंगे. सांसद ने आरोप लगाया कि बांध तोड़ने में, बाढ़ का पैसा लूटने में, सत्ता पक्ष व विपक्ष दोनों शामिल हैं.
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