डायरिया से दो की मौत, दर्जनों पीड़ित
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :23 Aug 2017 3:50 AM (IST)
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लोगों में भय. जिले में बाढ़ के बाद अब डायरिया का कहर जिले के मुरलीगंज व पुरैनी में डायरिया से एक-एक की मौत हो गयी. घटना के बाद डीएम ने चिकित्सा पदाधिकारी से जानकारी ली. उन्होंने छोटी मछलियों के खाने पर रोक लगाने का आदेश दिया. मधेपुरा/मुरलीगंज : जिले में बाढ़ के बाद अब डायरिया […]
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लोगों में भय. जिले में बाढ़ के बाद अब डायरिया का कहर
जिले के मुरलीगंज व पुरैनी में डायरिया से एक-एक की मौत हो गयी. घटना के बाद डीएम ने चिकित्सा पदाधिकारी से जानकारी ली. उन्होंने छोटी मछलियों के खाने पर रोक लगाने का आदेश दिया.
मधेपुरा/मुरलीगंज : जिले में बाढ़ के बाद अब डायरिया कहर बरपा रही है. डायरिया की वजह से जहां मुरलीगंज के जोरगामा में एक 40 वर्षीय अधेड़ की मौत हो गयी. वहीं पुरैनी प्रखंड के पूर्वी औराय पंचायत में पांच वर्षीय बच्ची की भी मौत हो गयी. इसके अलावा दर्जनों लोग डायरिया से पीड़ित हैं. यहां तक कि जिला मुख्यालय स्थित सदर अस्पताल में भी लगभग दो दर्जन डायरिया पीड़ित भर्ती है.
मुरलीगंज पहुंचे डीएम, छोटी मछली खाने पर रोक लगाने का आदेश : डीएम मो सोहेल ने प्रखंड कार्यालय में चिकित्सा पदाधिकारी संजीव कुमार से डायरिया के संबंध में जानकारी ली. उन्होंने छोटी मछलियों के खाने पर रोक लगाने का भी आदेश दिया है. गौरतलब है कि मुरलीगंज प्रखंड के विभिन्न पंचायतों में आयी बाढ़ के बाद पानी का स्तर नीचे आना शुरू है.
इसके साथ ही बीमारियों ने अपना पैर फैलाना शुरू कर दिया. मुरलीगंज प्रखंड के जोरगामा पंचायत के वार्ड नंबर दो में 40 वर्षीय छोटेलाल सोरेन, जोरगामा वार्ड नंबर दो निवासी रंजीत सोरेन का दामाद था. पिछले पांच दिन पहले वह अपने ससुराल आया था. अररिया जिला के रानीगंज के बड़हरा गांव का रहने वाला था. शाम से उसकी हालत बिगड़ती गयी. इसके बाद आज सुबह उसकी मौत हो गयी. दूसरे कई डायरिया से पीड़ित व्यक्तियों को मुरलीगंज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सूचना भेजकर एंबुलेंस मंगवायी गयी.
दर्जन पीड़ित रेफर किये गये सदर अस्पताल : स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उन्हें जोरगामा से मधेपुरा भेज दिया गया. दुर्गा मां वार्ड नंबर दो आदिवासी मोहल्ले में डायरिया फैलने की वजह से लोगों में हाहाकार मच गया और डॉक्टरों एक टीम जिसमें डॉक्टर लालबहादुर, डॉक्टर शंभू सरन तारा, फार्मासिस्ट सूर्यनारायण सा और प्रदीप कुमार वार्ड नंबर दो में जाकर कैंप किया और लगभग 500 बूढ़े बच्चे रोगियों का इलाज किया.
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉक्टर संजीव कुमार ने बताया कि हमने आवश्यक दवाइयों के साथ डॉक्टरों की एक टीम भेजी है. मौत के विषय में उन्होंने कहा कि इस आशय की जानकारी आप तक उनके पास उपलब्ध नहीं हो पायी है. मौके पर डीएम ने चिकित्सा पदाधिकारी को दिशा निर्देश दिया कि वह कैंप लगाकर इलाज करवाया जाए तथा छोटी मछलियों को खाने पर प्रतिबंध लगाया जाए. जिससे कि डायरिया फैलने की आशंका ज्यादा होती है.
क्या है लक्षण
दर्द हल्के या तेज मरोड़ के रूप में हो सकता है. कुछ रोगियों को दस्त के साथ उल्टियां भी हो सकती हैं. रोगी को कमजोरी के कारण चक्कर व आंखों के आगे अंधेरा भी छा जाता है. शरीर में पानी की मात्रा कम हो जाने पर रोगी की त्वचा ढीली व कांतिहीन हो जाती है.
बच्चों में लक्षण:
छोटे बच्चों को दस्त होने पर वह दूध पीना बंद कर देते हैं. बच्चों में चिड़चिड़ापन आ जाता है. वह सुस्त हो जाते हैं.
क्या है उपचार
दस्त रोग से निपटने के लिए जरूरी है कि शरीर में हुई पानी व नमक की कमी को पूरा किया जाय. सामान्य रूप में दस्त रोगियों की घर पर ही देखभाल की जाती है, लेकिन जरूरत पड़ने पर अस्पताल में भर्ती कराना जरूरी होता है. आजकल सभी दवा दुकानों पर ओआरएस के पैकेट आसानी से उपलब्ध होते हैं. इस घोल को पानी में मिलाकर समय – समय पर लेने से शरीर में आयी पानी की कमी को पूरा किया जा सकता हैं. यदि दो दिन में हालत में सुधार न हो तो जल्द से जल्द किसी डॉक्टर को दिखाना चाहिए.
कैसे बचें
बाहर खुले में बिकने वाली चीजें न खाएं.
इस मौसम में ज्यादा मात्रा में दही का सेवन करें. इससे ठंडक मिलेगी और त्वचा को भी लाभ होगा.
पानी के साथ तरल पदार्थों का सेवन बढ़ाये. ऐसे व्यक्ति को छाछ, चावल का मांड दें.
मिर्च-मसाले का तला-भूना खाना खाने से बचें. इसकी जगह जल्दी पचने वाला हल्का व सादा, कम कैलरी वाला भोजन करें.
चीनी व नमक का घोल लेते रहे, ताकि शरीर में पानी की कमी न हो पाए.
खाना खाने से पहले अच्छी तरह हाथ साफ करना न भूलें.
पानी की अधिक मात्रा वाले फलों का ज्यादा सेवन करें.
पुरैनी : प्रखंड के औराय पंचायत के पूर्वी औराय में डायरिया का प्रकोप जारी है. पिछले दिनो जहां एक ही परिवार के तीन सदस्य डायरिया के चपेट में आ गये थे. वहीं मंगलवार को पूर्वी औराय के राजेंद्र शर्मा की पांच वर्षीय बच्ची दुलारी कुमारी का डायरिया के कारण मौत हो गयी, तो आधा दर्जन बच्चे डायरिया के चपेट में है. जिनका इलाज ग्रामीण चिकित्सक कर रहे. जानकारी के अनुसार डायरिया के चपेट में आयी राजेंद्र शर्मा की पांच वर्षीय पुत्री दुलारी कुमारी का स्थिति जब बिगड़ने लगी,
तो परिजन उसे पुरैनी पीएचसी लाये. जहां पीएचसी में बच्ची को देखते ही बाहर ले जाने की बात कही गयी. ग्रामीणों ने बताया की मुख्यालय बाजार में ही एक ग्रामीण चिकित्सक के क्लिनिक पर ले जाने के क्रम में ही बच्ची की मौत हो गयी. वहीं इस बाबत पीएचसी के प्रभारी चिकित्सक डाॅ विनीत भारती ने बताया की बच्ची पीएचसी आने से पहले ही मर चुकी थी.
पूर्वी औराय के सत्यम कुमार पिता दयानंद शर्मा, चांदनी कुमारी पिता राजेंद्र शर्मा, दीपक कुमार, आरती पिता उमेश सिंह, लीधर सिंह, गोविंदा, सोनी कुमारी पिता लीधर सिंह, नीरज कुमार पिता मन्टू राम सभी डायरिया के चपेट में है. जिनका फिलहाल ग्रामीण चिकित्सक के द्वाराइलाज चल रहा है. वहीं इस बाबत ग्रामीण ने सीओ से शिकायत की, तो सीओ द्वारा चिकित्सक की टीम को पूर्वी औराय भेजा गया.
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