LPG KYC in Bihar: सावधान! रुक सकती है आपकी गैस सब्सिडी,आज ही घर बैठे करें अपना LPG KYC

LPG Subsidy KYC in Bihar
LPG KYC in Bihar: अब गैस एजेंसी की लाइन और आधार सेंटर के चक्कर खत्म. एलपीजी उपभोक्ता और उज्ज्वला योजना के लाभार्थी कुछ ही मिनटों में, वह भी घर बैठे, अपनी ई-केवाइसी पूरी कर सकेंगे.
LPG KYC in Bihar: एलपीजी उपभोक्ताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने बायोमेट्रिक आधार प्रमाणीकरण और ई-केवाइसी की प्रक्रिया को और आसान बना दिया है. अब यह पूरी प्रक्रिया निःशुल्क, डिजिटल और घर बैठे स्मार्टफोन के जरिए पूरी की जा सकती है. खासकर प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए यह कदम बेहद अहम है, क्योंकि सब्सिडी पाने के लिए ई-केवाइसी अनिवार्य कर दी गई है.
घर बैठे कैसे होगी ई-केवाइसी
सरकार की नई व्यवस्था के तहत एलपीजी उपभोक्ता अब https://www.pmuy.gov.in/e-kyc.html वेबसाइट पर जाकर या वहां दिए गए क्यूआर कोड को स्कैन कर प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं. इसके लिए उपभोक्ताओं को अपनी तेल विपणन कंपनी का मोबाइल एप और ‘आधार फेस रीड’ एप डाउनलोड करना होगा.
एप में दिए गए निर्देशों का पालन करते हुए फेस स्कैन के जरिए बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण किया जाएगा. कुछ ही मिनटों में ई-केवाइसी पूरी हो जाएगी और इसके लिए किसी तरह का शुल्क नहीं देना होगा.
उज्ज्वला लाभार्थियों के लिए क्यों जरूरी
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए ई-केवाइसी और भी महत्वपूर्ण है. सरकार की ओर से साफ किया गया है कि 8वीं और 9वीं एलपीजी रिफिल पर मिलने वाली 300 रुपये की लक्षित सब्सिडी पाने के लिए हर वित्तीय वर्ष में ई-केवाइसी कराना अनिवार्य होगा. ई-केवाइसी पूरी न होने की स्थिति में सब्सिडी अटक सकती है.
सरकार का कहना है कि इस डिजिटल प्रक्रिया से फर्जी कनेक्शन और गलत लाभार्थियों की पहचान आसान होगी. बायोमेट्रिक आधार प्रमाणीकरण से यह सुनिश्चित होगा कि सब्सिडी सही व्यक्ति तक पहुंचे. इससे न सिर्फ व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग भी रुकेगा.
ग्रामीण और बुजुर्ग उपभोक्ताओं को राहत
ई-केवाइसी की ऑनलाइन सुविधा से खासतौर पर ग्रामीण इलाकों के उपभोक्ताओं, बुजुर्गों और महिलाओं को राहत मिलेगी. अब उन्हें एजेंसी या आधार केंद्र जाकर लंबी कतारों में खड़ा नहीं होना पड़ेगा. स्मार्टफोन के जरिए घर बैठे यह काम पूरा किया जा सकेगा, जिससे समय और खर्च दोनों की बचत होगी.
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लेखक के बारे में
By Pratyush Prashant
महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.
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