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जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर आज मनेगा विश्व मलेरिया दिवस

Updated at : 24 Apr 2024 9:44 PM (IST)
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जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर आज मनेगा विश्व मलेरिया दिवस

मलेरिया के कारण, लक्षण, बचाव एवं उपचार की जानकारी देकर लोगों किया जाएगा जागरूक

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लखीसराय. हर वर्ष 25 अप्रैल को विश्व मलेरिया दिवस मनाया जाता है. इस वर्ष भी गुरुवार को जिलेभर में एक्सीलिरेटिंग द फाइट अंगेस्ट मलेरिया फॉर-ए-मोर इक्वीटेबल वर्ल्ड थीम पर विश्व मलेरिया दिवस मनाया जायेगा. इस अवसर पर जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों में स्वास्थ्य पदाधिकारी एवं कर्मी मलेरिया मुक्त समाज निर्माण का संकल्प लेंगे. इसको लेकर वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ राकेश कुमार ने पत्र जारी कर जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिये हैं. डॉ राकेश ने बताया कि उक्त कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को मलेरिया से बचाव सहित इसके कारण, लक्षण एवं उपचार की विस्तृत जानकारी दी जायेगी. साथ ही सामुदायिक स्तर पर लोगों को इससे बचाव के लिए जागरूक भी किया जायेगा. कार्यक्रम के सफल संचालन को लेकर स्वास्थ्य विभाग जरूरी और आवश्यक तैयारी हो गयी है. इस दौरान जिलेभर में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया जायेगा. इसके अलावा अन्य माध्यमों से भी लोगों को जागरूक किया जायेगा. लक्षण दिखते ही तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य संस्थानों में कराएं जांच सिविल सर्जन डॉ बीपी सिन्हा ने बताया कि लक्षण दिखते ही तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य संस्थानों में जांच कराना चाहिए. जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों में जांच से लेकर समुचित इलाज तक की मुफ्त सुविधा उपलब्ध है. इसलिए किसी को भी लक्षण महसूस होने पर तुरंत सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में जांच करानी चाहिए. उन्होंने बताया कि आशा द्वारा घर-घर जाकर संदिग्ध व्यक्ति की आरडीटी किट से जांच की जा रही है. प्रति जांच के लिए आशा को 15 रुपये दिये जाते हैं. डीईओ को भी पत्र भेजकर बच्चों को मलेरिया से बचाव के लिए जागरूक करने को कहा गया है. किसी भी आयु वर्ग के लोग मलेरिया से हो सकते हैं पीड़ित मलेरिया प्लाजमोडियम नामक परजीवी से संक्रमित मादा एनोफिलिज मच्छर के काटने से होता है. मलेरिया एक प्रकार का बुखार है, जो किसी भी आयु वर्ग के लोगों को हो सकता है. इसमें कंपकंपी के साथ 103 से लेकर 105 डिग्री तक बुखार होता है. कुछ घंटों के बाद पसीने के साथ बुखार उतर जाता है, लेकिन बुखार आता-जाता रहता है. फेलसीपेरम मलेरिया (दिमागी मलेरिया) की अवस्था में तेज बुखार होता है. खून की कमी हो जाती है, बुखार दिमाग पर चढ़ जाता है, फेफड़े में सूजन हो जाता है. पीलिया एवं गुर्दे की खराबी फेलसीपेरम मलेरिया की मुख्य पहचान है. मलेरिया से बचाव के लिए मच्छरदानी का करें प्रयोग मलेरिया से बचाव के लिए पूरे बदन को ढकने वाले कपड़े का अधिक उपयोग करें. सोने के दौरान निश्चित रूप से मच्छरदानी लगाएं. इस बात का दिन में सोने के दौरान ख्याल रखें. इसके अलावा घर के आसपास जलजमाव वाली जगहों को मिट्टी से भर दें एवं किसी भी कीमत पर जलजमाव नहीं होने दें. जलजमाव वाले स्थान पर केरोसिन या डीजल डालें. घर के आसपास बहने वाले नाले की साफ-सफाई करते रहें.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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