लखीसराय में बूंदाबांदी से उमस भरी गर्मी से राहत: 13 जुलाई से कमजोर पड़ेगा मानसून

आसमान में छाये काले बादल व हो रही बूंदाबांदी | Prabhat Khabar Network
लखीसराय जिले में पिछले दो दिनों से जारी मौसम के बदलते मिजाज ने आम लोगों को उमस भरी गर्मी से बड़ी राहत दी है. शुक्रवार की रात से ही आसमान में काले बादलों का डेरा है और रुक-रुक कर हो रही बूंदाबांदी से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे फिजा में कनकनी घुल गई है.
बीते 10 जुलाई से जिले के विभिन्न हिस्सों में हो रही रिमझिम बारिश के कारण जहां एक ओर मौसम सुहावना हो गया है, वहीं दूसरी ओर शहरी और ग्रामीण इलाकों के कच्चे रास्तों पर जलजमाव और फिसलन से कीचड़ की स्थिति बन गई है. मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, 12 और 13 जुलाई को भी बादल छाए रहेंगे, लेकिन इसके बाद मानसून की रफ्तार पर ब्रेक लगने की संभावना है.
कच्चे रास्तों पर बढ़ी फिसलन, निचले इलाकों में जमा होने लगा पानी
लगातार हो रही इस बूंदाबांदी से लखीसराय के शहरी क्षेत्रों के कार्यस्थलों और ग्रामीण इलाकों की पगडंडियों की मिट्टी गीली होकर कीचड़ में तब्दील हो चुकी है. इससे राहगीरों और बाइक चालकों को आवागमन में खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. इसके अलावा, जिले के जो निचले या डंपिंग यार्ड वाले इलाके हैं, वहां धीरे-धीरे पानी का भराव शुरू हो गया है, जिससे स्थानीय नगर परिषद के ड्रेनेज दावों पर असर पड़ रहा है.
मौसम पूर्वानुमान: 13 जुलाई के बाद फिर सताएगी उमस
शनिवार को जिले का अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान जताया गया है. मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार:
- 12 जुलाई का अलर्ट: रविवार को भी आसमान में घने बादल छाए रहेंगे और बारिश के साथ-साथ तेज हवाएं (पुरवा) चलने की प्रबल संभावना है.
- 13 जुलाई से बदलाव: सोमवार से मानसून का सिस्टम धीरे-धीरे कमजोर पड़ने लगेगा. इसके बाद आसमान साफ होगा और धूप-छांव का खेल शुरू होगा, जिससे तापमान में एक बार फिर बढ़ोतरी होगी और उमस वाली गर्मी लोगों को परेशान कर सकती है.
किसानों के लिए वरदान है यह मौसम, कृषि एक्सपर्ट्स ने दी सलाह
यह बारिश खरीफ सीजन की फसलों और सब्जी उत्पादक किसानों के लिए काफी फायदेमंद साबित हो रही है. कृषि विशेषज्ञों ने इस मौसम को देखते हुए विशेष एडवाइजरी जारी की है:
- पौधारोपण का सही समय: खेतों में प्रचुर नमी होने के कारण यह समय लत (बेल) वाली सब्जियों जैसे नेनुआ, कद्दू, करेला और मौसमी फलों के पौधे लगाने के लिए सबसे उपयुक्त है.
- कीटनाशक पर रोक: किसान भाई अपनी फसलों पर किसी भी प्रकार के कीटनाशक या रासायनिक खाद का छिड़काव करने से पहले मौसम साफ होने का इंतजार करें, अन्यथा बारिश से दवा धुल जाएगी और आर्थिक नुकसान होगा.
स्वास्थ्य के प्रति रहें सजग: ठंडे पानी से परहेज करें
मौसम में अचानक आए इस उतार-चढ़ाव (गर्मी के बाद अचानक ठंडक) को देखते हुए चिकित्सकों ने आम लोगों को मौसमी बीमारियों से बचने की हिदायत दी है. डॉक्टरों का कहना है कि इस मौसम में सर्दी, जुकाम, बदन दर्द और वायरल बुखार का खतरा सबसे ज्यादा रहता है. इससे बचाव के लिए फ्रिज के ठंडे पानी के सेवन से पूरी तरह परहेज करें और घर में सुपाच्य, ताजा व गर्म भोजन को ही प्राथमिकता दें.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Divyanshu Prashant
दिव्यांशु प्रशांत वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। उन्होंने महात्मा गाँधी अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में परास्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। मीडिया क्षेत्र में लगभग एक वर्ष के अनुभव के दौरान वे दैनिक जागरण में न्यूज़ राइटर और रिपोर्टर के रूप में कार्य कर चुके हैं। करियर के शुरुआती दौर में लोकसभा और विधानसभा चुनावों से जुड़े पॉलिटिकल कंटेंट राइटिंग का विशेष अनुभव प्राप्त किया। इसके अतिरिक्त उन्होंने टी. एन. बी. कॉलेज से हिंदी साहित्य में स्नातक किया है, जिसके कारण साहित्य, पठन-पाठन, लेखन और कविता-सृजन में उनकी विशेष रुचि है। सटीक, निष्पक्ष और प्रभावशाली लेखन के माध्यम से पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुँचाना उनकी पेशेवर पहचान है।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










