हलसी बिस्कोमान केंद्र से DAP खाद गायब, कालाबाजारी की मार झेल रहे किसान; दोगुनी कीमत वसूलने का आरोप

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विस्कोमान कृषक सेवा केंद्र हलसी | Prabhat Khabar Network

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लखीसराय जिले के हलसी प्रखंड में डीएपी खाद की घोर किल्लत से किसान परेशान हैं. धान की रोपनी के मुख्य सीजन में खाद न मिलने से खेती प्रभावित हो रही है. खुले बाजार में दोगुनी कीमत पर खाद बिकने का आरोप है.

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लखीसराय जिले के हलसी प्रखंड मुख्यालय स्थित बिस्कोमान कृषक सेवा केंद्र में डीएपी (DAP) खाद की घोर किल्लत से किसानों के बीच हाहाकार मचा हुआ है. वर्तमान में धान की रोपनी का मुख्य सीजन चल रहा है, लेकिन ठीक इसी समय खाद गायब होने से किसान बेहद परेशान हैं. रोजाना अपने खेत-खलिहान का काम छोड़कर किसान बिस्कोमान केंद्र पहुंच रहे हैं, जहां से उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ रहा है.

बाजार में निर्धारित दर से दोगुनी कीमत पर बिक रही खाद

बिस्कोमान केंद्र पर सरकारी दर पर खाद न मिलने का फायदा निजी दुकानदार उठा रहे हैं.

स्थानीय किसानों ने गंभीर आरोप लगाया है कि खुले बाजार की दुकानों में डीएपी खाद उपलब्ध तो है, लेकिन वहां निर्धारित सरकारी दर से करीब दोगुनी कीमत वसूली जा रही है. पहले से ही बढ़ती महंगाई और खेती की लागत से जूझ रहे किसानों पर इस कालाबाजारी से दोहरी मार पड़ रही है.

'500 बोरा डीएपी बांटा गया, नई खेप का इंतजार': बिस्कोमान प्रभारी

मामले पर बिस्कोमान कृषक सेवा केंद्र के प्रभारी मैनेजर विकास कुमार ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि:

  • पूर्व में केंद्र पर 500 बोरा डीएपी की खेप आई थी, जिसे पारदर्शी तरीके से किसानों के बीच वितरित कर दिया गया.
  • इसके बाद से डीएपी की नई खेप नहीं पहुंची है.
  • उन्होंने बताया कि अगले दो से तीन दिनों में नैनो डीएपी उपलब्ध होने की संभावना है, लेकिन बोरी वाली पारंपरिक डीएपी कब तक आएगी, इसकी फिलहाल कोई पक्की जानकारी नहीं है.

केंद्र पर वर्तमान में उपलब्ध खाद और दरें:

  • यूरिया: 4000 बोरा (₹266.50 प्रति बोरा)
  • पोटाश: 800 बोरा (₹750 प्रति बोरा)
  • नैनो यूरिया: 1200 डिब्बा (₹225 प्रति डिब्बा)
  • जाइम: 2000 बाल्टी (₹550 प्रति बाल्टी)

'काम छोड़कर रोज आ रहे, रोपनी हो रही प्रभावित': किसान

खाद न मिलने से परेशान स्थानीय किसानों ने अपना दर्द साझा किया:

  • विकास कुमार (किसान, दिरा गांव): “धान की रोपनी के इस समय खाद की सबसे ज्यादा सख्त जरूरत है. रोजाना काम-काज छोड़कर केंद्र का चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन हर दिन निराश होकर लौटना पड़ता है.”
  • श्रीकांत महतो (किसान): “समय पर खाद न मिलने से धान रोपनी का काम बुरी तरह प्रभावित हो रहा है. बाजार में व्यापारी मनमाने दाम वसूल रहे हैं और प्रशासन की ओर से कोई सुनने वाला नहीं है.”

जिला प्रशासन से पर्याप्त खाद आपूर्ति की मांग

परेशान किसानों ने कृषि विभाग और जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप करने की गुहार लगाई है. किसानों की मांग है कि मामले की जांच कर हलसी बिस्कोमान केंद्र पर निर्धारित सरकारी दर पर पर्याप्त मात्रा में डीएपी खाद उपलब्ध कराई जाए, ताकि वे समय पर धान की रोपनी पूरी कर सकें.


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