19 जून से होने वाले नौ दिवसीय महायज्ञ को लेकर किया गया ध्वजारोहण

Published by : Rajeev Murarai Sinha Sinha Updated At : 08 Jun 2026 7:14 PM

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हलसी प्रखंड के प्रतापपुर गांव में 19 जून से नौ दिवसीय श्रीश्री 108 श्री विराट शतचंडी महायज्ञ शुरू हो रहा है, जिसका सोमवार को ध्वजारोहण किया गया. गांव में 29 साल बाद हो रहे इस भव्य आयोजन के लिए अयोध्या और बनारस से विद्वान आ रहे हैं. श्रद्धालुओं के लिए भंडारे, प्रवचन और सुरक्षा हेतु सीसीटीवी की पुख्ता व्यवस्था की गई है.

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हलसी के प्रतिनिधि के अनुसार

प्रखंड के अंतर्गत प्रतापपुर में आगामी 19 जून से शुरू होने वाले नौ दिवसीय श्रीश्री 108 श्री विराट शतचंडी महायज्ञ के लिए सोमवार को मंत्रोच्चारण के साथ ध्वजारोहण किया गया. इस दौरान विद्वान पंडितों के द्वारा वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ ध्वजारोपण कर यज्ञ का संकल्प, शांति सुखमय, सौहार्द, वातावरण में महंत श्री सीताराम दास जी महराज के उपस्थिति में पूरा किया गया.

महंत श्री सीताराम दास जी ने कहा कि श्री शतचंडी महायज्ञ मां दुर्गा की असीम कृपा, शक्ति और आशीर्वाद प्राप्त करने का एक अत्यंत शक्तिशाली और पुण्यदायी अनुष्ठान है. इसमें ””दुर्गा सप्तशती”” के 700 श्लोकों का 108 बार (कुल 75,600 आहुतियां) विधि-विधान से पाठ और हवन किया जाता है. इसके लिए बनारस और अयोध्या से विद्वान पंडित और आचार्य को बुलाया गया है.

जीवन की सभी बाधाओं, रोगों, और नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने के लिए, कुंडली में बिगड़े हुए ग्रहों की स्थिति को सुधारने के लिए, घर में धन-धान्य, सौभाग्य, और पारिवारिक शांति की प्राप्ति के लिए, कुल मिलाकर कहा जाय तो जीवन की सभी बाधाओं, रोगों, मानसिक तनाव और दरिद्रता को दूर करने में यह यज्ञ अत्यंत प्रभावी माना जाता है. यज्ञ समिति के अध्यक्ष कृष्णादेव महतो ने बताया कि शतचंडी महायज्ञ के ध्वजारोहन शुरुआत होकर घट यात्रा से होने के बाद घट स्थापना, पंचांग पूजन, ब्राह्मण वरण, मण्डपस्थ देवता पूजन, श्री रामरचित मानस के सुंदरकांड पाठ व श्रीमदभागवत पाठ प्रारंभ तथा अरणि मंथन द्वारा अग्नि प्राकटय होता है.

इसके बाद प्रतिदिन सुबह व दोपहर में दुर्गासप्तशती पाठ एवं रूद्राभिषेक के साथ हवन, आरती एवं प्रसाद वितरण और यज्ञ के अंतिम दिन पूर्णाहुति पूजन, आरती, प्रसाद वितरण ब्राह्मण एवं कन्या भोजन व महाप्रसाद इसके अलावा प्रतिदिन दोपहर में प्रवचनकर्ता के द्वारा प्रवचन होते हैं. इसके लिए अयोध्या और बनारस से विद्वान प्रवचन कर्ता पहुंच रहे हैं.

यज्ञ समिति के कोषाध्यक्ष कपिलदेव महतो ने कहा कि 29 वर्ष पूर्व प्रतापपुर गांव में यज्ञ हुआ था. lइस बार श्री शतचंडी महायज्ञ बड़े ही व्यापक पैमाने पर तैयारी की जा रही है, जिसमें विद्वान ब्राह्मणों के द्वारा समाज में शांति स्नेह और सद्भाव के लिए प्रवचन, तमाम श्रद्धालुओं के लिए पेयजल एवं भंडारा में महाप्रसाद की व्यवस्था, मेला में घूमने वाले तमाम भक्तों और श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षा की वालंटियर की चप्पे-चप्पे पर व्यवस्था की गयी है. प्रतापपुर गांव के हर चौक-चौराहे पर सीसीटीवी कैमरा लगाया जायेगा, ताकि यज्ञ में किसी तरह की कोई विघ्न करने वाले पकड़े जायेंगे

मौके पर रहे मौजूद

महायज्ञ समिति के कोषाध्यक्ष कपिलदेव महतो, किशोरी महतो, रंजीत सम्राट, संरक्षक नरेश महतो, सागर महतो, टिंकू कुशवाहा, भुनेश्वर पंडित, कार्यानंद पांडेय, शंभु पांडेय, श्रवण साह, बंगाली पासवान, जिक्षु पासवान, सिंघेश्वर महतो, कृष्णदेव यादव सहित प्रतापपुर गांव के सैकड़ों भक्त और श्रद्धालु मौजूद थे.

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