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आंबेडकर बस स्टैंड अतिक्रमण का है शिकार

Updated at : 28 May 2024 9:00 PM (IST)
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आंबेडकर बस स्टैंड अतिक्रमण का है शिकार

शहर का मुख्य चौराहा विद्यापीठ चौक का आंबेडकर बस स्टैंड अतिक्रमण का शिकार बना हुआ है.

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लखीसराय. शहर का मुख्य चौराहा विद्यापीठ चौक का आंबेडकर बस स्टैंड अतिक्रमण का शिकार बना हुआ है. बस स्टैंड की जमीन के किनारे अतिक्रमण कर दुकान-मकान का निर्माण करा लिया गया है. जिसके कारण मुख्य चौराहा की सड़क के दोनों किनारे ऑटो खड़ा कर दिया जाता है. सड़क के दोनों किनारे ऑटो खड़ा कर दिये जाने के कारण आये दिन सड़क दुर्घटना की आशंका बनी हुई रहती है. वहीं स्थानीय दुकानदार को दुकानदारी में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. विद्यापीठ चौक के बस स्टैंड का अतिक्रमण हटाना जिला प्रशासन के लिए चुनौती पूर्ण कार्य बना हुआ है. एक तरफ आंबेडकर बस स्टैंड में काफी कम स्पेस होने के कारण ऑटो चालक को सड़क पर ही ऑटो खड़ा कर सवारी को बैठाने की मजबूरी है, तो दूसरी तरफ आंबेडकर बस स्टैंड से नगर परिषद प्रति साल लाखों की कमाई कर रहा है. ऑटो चालक का कहना है कि उन्हें अगर बस स्टैंड में ऑटो खड़ा करने के लिए जगह दी जाती है तो ऑटो बस स्टैंड में खड़ा करने में कोई आपत्ति नहीं है. उसकी मजबूरी है कि वह सड़क पर ऑटो को खड़ा कर सवारी बैठाते हैं. यहां पर सभी ऑटो चालक द्वारा स्टैंड शुल्क देकर ही ऑटो सड़क पर खड़ा कर खुलते हैं.

सुबह होते ही सड़क सिकुड़ने लगती है, देर शाम चौड़ी होती है

सुबह होते ही विद्यापीठ चौक के मुख्य चौराहा की सड़क एवं शहर की शुरू होने वाली मुख्य सड़क सिकुड़ना शुरू हो जाती है, तो देर शाम तक पुनः चौड़ी हो जाती है. सड़क की सिकुड़न एवं चौड़ीकरण जिला पुलिस प्रशासन की आंखों के सामने होती है, लेकिन उनके द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जाती है. सुबह होते ही विद्यापीठ चौक से शुरू होने वाली सड़क पर दो-दो रोह में ई-रिक्शा खड़ी कर दी जाती है. वहीं मुख्य चौराहा की सड़क के दोनों तरफ कतारबद्ध ऑटो खड़ा कर देने से सड़क सिकुड़ कर चौड़ाई एक-दो फीट की बन जाती है. देर शाम तक सड़क खाली होने के बाद चौड़ी हो जाती है.

कहते हैं स्थानीय लोग

ऑटो सड़क के किनारे खड़ा कर देने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है, लेकिन ऑटो चालक की मजबूरी है कि वे सड़क पर ऑटो खड़ा कर सवारी बैठाते हैं. स्टैंड से अतिक्रमण हटाना प्रशासन का कार्य है.

– टिंकू श्रीवास्तव

ऑटो चालक बस स्टैंड का शुल्क देकर ही सवारी बैठाकर ऑटो खोलते हैं. उन्हें जहां जगह मिल रही है, वहीं ऑटो खड़ा कर रहे हैं. नगर परिषद को राजस्व मिलता है, सुविधा भी नप को ही देना चाहिये.

– शंभू सिंह

सड़क पर ऑटो खड़ा होने के साथ बाइक भी लोगों के द्वारा खड़ी कर दी जाती है. जिससे की दुकानदारी में परेशानी होती है, लेकिन दुकानदार की शिकायत न तो ऑटो चालक से की जा सकती है और न ही प्रशासन उसकी सुनेगा. इसका हल ऑटो वाले ही निकाल सकते हैं. –

राजेश गुप्ता

दुकान के आगे ही ऑटो खड़ा कर दिया जाता है. जिसके कारण ग्राहकों को परेशानी होती है. ऑटो चालक को कहने पर वे लड़ाई-झगड़े पर उतारू हो जाते हैं. अब दुकानदारों ने ऑटो चालकों से कहना बंद कर दिया है.

– टुनटुन सिंह

बोले नप ईओ

नप ईओ अमित कुमार ने कहा कि अतिक्रमण को लेकर अभी तक उन्हें कोई सूचना नहीं दी गयी है. वह योगदान देने के साथ ही चुनाव कार्य में व्यस्त हो गये. उन्होंने कहा कि चार जून के बाद आंबेडकर बस पड़ाव का विजिट किया जायेगा. जिसके बाद उचित कार्रवाई की जायेगी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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