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मुंगेर शहर में पांच लाख की आबादी पर मात्र दो एंबुलेंस

18 Jan, 2016 9:20 pm
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मुंगेर शहर में पांच लाख की आबादी पर मात्र दो एंबुलेंस

मुंगेर शहर में पांच लाख की आबादी पर मात्र दो एंबुलेंस परेशानी : 1099 एंबुलेंस के चालक व इएमटी फरवरी से फिर जा सकते हैं हड़ताल पर फोटो संख्या : 8,9फोटो कैप्सन : अस्पताल में लगा 1099 एंबुलेंस एवं क्वार्टर में शोभा की वस्तु बना सांसद द्वारा दिया एंबुलेंस प्रतिनिधि, मुंगेर ————सदर अस्पताल में इन […]

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मुंगेर शहर में पांच लाख की आबादी पर मात्र दो एंबुलेंस परेशानी : 1099 एंबुलेंस के चालक व इएमटी फरवरी से फिर जा सकते हैं हड़ताल पर फोटो संख्या : 8,9फोटो कैप्सन : अस्पताल में लगा 1099 एंबुलेंस एवं क्वार्टर में शोभा की वस्तु बना सांसद द्वारा दिया एंबुलेंस प्रतिनिधि, मुंगेर ————सदर अस्पताल में इन दिनों एंबुलेंस की भारी किल्लत है. सिर्फ शहरी क्षेत्र ही यदि बात करें तो यहां पांच लाख की आबादी पर मात्र दो एंबुलेंस उपलब्ध है. जिसके कारण इलाज के लिए यहां आने वाले मरीजों को खासे परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. वहीं लंबित वेतन की भुगतान की मांग को लेकर फरवरी माह से 1099 एंबुलेंस के चालक व इएमटी फिर से हड़ताल पर जाने वाले हैं. जिससे यहां पर इलाज के लिए आने वाले मरीजों की परेशानी और भी बढ़ने वाली है.102 नंबर के एक एंबुलेंस पड़े हैं खराबकहने को तो सदर अस्पताल में 102 नंबर के दो एंबुलेंस हैं. किंतु पिछले चार माह से एक एंबुलेंस खराब है. जिसके कारण एक ही एंबुलेंस द्वारा मरीजों को लाया व पहुंचाया जा रहा है. यदि मरीज को लकर एंबुलेंस पटना या भागलपुर चला गया तो फिर इस बीच में मरीजों को निजी एंबुलेंस का सहारा लेना पड़ता है. जिसके कारण बीपीएल कार्ड धारी मरीजों को भी मुफ्त सेवा के जगह किराया भड़ना पड़ जाता है.108 एंबुलेंस का परिचालन है बंदसंविदा समाप्त हो जाने के कारण नवंबर 2015 से 108 नंबर का एंबुलेंस सेवा बंद है. जबकि 108 नंबर एंबुलेंस के रहने से गंभीर मरीजों व घटनात्मक स्थिति में काफी सहयोग मिलता था. क्वार्टर की शोभा बढ़ा रहा एंबुलेंस सदर अस्पताल को मुंगेर के पूर्व सांसद राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह द्वारा एक एंबुलेंस र्क्वाटर की शोभा बढ़ा रहा है. जिसे मरीजों के इलाज के लिए ही उपलब्ध कराया गया है. किंतु शायद ही मरीजों को अस्पताल के एंबुलेंस का लाभ मिल पाता है. इस एंबुलेंस का चलाने के लिए एक सरकारी चालक भी अस्पताल में पदस्थापित हैं. किंतु एंबुलेंस का परिचालन नहीं होने के कारण चालक की भी चांदी है. इस एंबुलेंस का इस्तेमाल महज दवा ढ़ोने व सरकारी कार्यक्रमों में ही होती है. हाल यह है कि अस्पताल की निजी एंबुलेंस इन दिनों एक नयी दुल्हन की तरह बन कर रह गयी है.कहते हैं अस्पताल उपाधीक्षकअस्पताल उपाधीक्षक डॉ राकेश कुमार सिन्हा ने बताया कि अस्पताल के निजी एंबुलेंस को भी जरूरत पड़ने पर मरीजों के सेवा में भेजा जाता है. 102 नंबर का एंबुलेंस भी शीघ्र ही ठीक होकर आ जायेगा. 108 नंबर एंबुलेंस का पुन: निविदा नहीं हो पाया है.——————————बॉक्स—————————–1099 एंबुलेंस का परिचालन भी हो सकता है बंदमुंगेर : 102 नंबर के अलावे अस्पताल में पिछले अक्टूबर माह से 1099 नंबर की एक एंबुलेंस को भी चालू किया गया है. किंतु फरवरी माह से 1099 एंबुलेंस का परिचालन बंद हो सकता है. एंबुलेंस के चालक विजय कुमार, यशवंत सिंह, दिलीप साव, सुनील कुमार सहित अन्य ने बताया कि पिछले छह माह के वेतन में से उन्हें मात्र दो माह का वेतन दिया गया है. जिसके बाद वे लोग अक्टूबर माह से काम पर लौटे. किंतु काम पर लौटने के बाद से एक बार भी वेतन का भुगतान नहीं किया गया है. यदि इस माह के अंत तक लंबित वेतन का भुगतान नहीं किया गया तो वे लोग फरवरी से पुन: हड़ताल पर चले जायेंगे.

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