सरकार दमनात्मक कार्रवाई बंद करे,वरना बुरा होगा अंजाम

By Prabhat Khabar Digital Desk
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हलसी : बिहार राज्य शिक्षक संघर्ष समन्वय समिति के द्वारा आहूत हड़ताल के समर्थन में शिक्षकों का चौथे दिन भी धरना कार्यक्रम प्रखंड संसाधन केंद्र हलसी में अनवरत जारी रहा. धरना कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रदेश सचिव विपिन बिहारी भारती ने कहा कि सरकार शिक्षकों पर दमनात्मक कार्रवाई बंद करे अन्यथा इसके गंभीर नतीजे होंगे.

बिहार सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार शिक्षकों को कोई खैरात नहीं दे रही है, बल्कि पूर्व में नियोजित शिक्षकों को केंद्र द्वारा प्राप्त प्रति शिक्षक 22000 लेकर शिक्षकों को मात्र 4000-5000 रुपये भुगतान करती रही है. इसकी पुष्टि केंद्र सरकार ने हलफनामा दायर कर उच्चतम न्यायालय में की थी तथा शिक्षकों की बहाली भी सर्व शिक्षा अभियान के तहत बनाये गये नीति के आलोक में की गयी थी.
बिहार सरकार की अदूरदर्शी नीति के कारण शिक्षकों में काफी उबाल है. बिहार सरकार निरंकुशता त्याग कर अविलंब वार्ता कर गतिरोध समाप्त करें. उन्होंने कहा कि राज्य का विकास शिक्षकों को नजर अंदाज कर संभव है. मानव संसाधन का विकास किये बिना कभी भी राज्य का विकास संभव नहीं है, इसलिए सरकार को हठधर्मिता का त्याग कर अविलंब शिक्षकों की मांगों की पूर्ति करनी चाहिए.
मांगों की पूर्ति हुए बिना शिक्षक आंदोलन से पीछे नहीं हटेंगे. शिक्षकों के आंदोलन के लिए पूरी तरह से बिहार की तथाकथित सुशासन बाबू ही जिम्मेदार हैं. धरना कार्यक्रम की अध्यक्षता संघ के हड़ताली अध्यक्ष रामाशीष राम ने की तथा संचालन शिक्षक नेता पवन कुमार के द्वारा किया गया.
धरना कार्यक्रम में जिला कोषाध्यक्ष सुबोध कुमार, प्रखंड अध्यक्ष नंदकिशोर कुशवाहा, निरंजन कुमार, कृष्ण नंदन सिंह, सरवन कुमार, सुजीत कुमार, मिंटू कुमार, सतनारायण, मनोज कुमार, रेखा कुमारी, नीलम सिन्हा, अंजू कुमारी, बुलबुल रानी, रविता पांडेय, रिंकू कुमारी, सरिता कुमारी, सुनीता कुमारी, जहांआरा, तबस्सुम परवीन, हिना कौसर सहित सैकड़ों शिक्षक-शिक्षिका उपस्थित रहे.
बच्चों के भविष्य के लिए समाप्त करें हड़ताल : डीइओ
लखीसराय. बिहार शिक्षक संघर्ष समन्यवक समिति के आह्वान पर सात सूत्री मांगों को लेकर चली रही अनिश्चितकालीन हड़ताल के तहत चौथे दिन गुरुवार को जिले के बीआरसी भवन के मुख्य द्वार पर शिक्षक शिक्षिकाओं धरना-प्रदर्शन किया.
इस दौरान होली गीत के तहत मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर जमकर निशाना भी साधा. हालांकि विद्यालय तो बंद है, लेकिन चल रहे वार्षिक माध्यमिक परीक्षा में कोई व्यवधान नहीं पहुंचा कर जिले के सभी नियोजित शिक्षक बीआरसी भवन में बैठकर धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं.
इधर, नन्हे-मुन्हे बच्चों के प्रारंभिक विद्यालयों में ताला लटकने के कारण पठन-पाठन बाधित है, जिससे अभिवावक अपने-अपने बच्चों के भविष्य के लिए चिंतित हैं. प्रमंडलीय संयोजक मनोज कुमार ने कहा कि जब तक उन लोगों की मांगें पूरी नहीं होती है तब तक हड़ताल जारी रहेगी.
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