इमरजेंसी में 117 में से महज 40 प्रकार की दवा ही उपलब्ध
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :13 Aug 2017 6:05 AM (IST)
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सदर अस्पताल . बाहर से दवा खरीदने को विवश हैं मरीज लखीसराय सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भरती हुए मरीजों को कई आवश्यक दवायें अस्पताल से नहीं मिलती. मरीजों को बाहर से ही कई आवश्यक दवायें मंगानी पड़ती है तभी उनका उपचार अस्पताल में हो पाता है. अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड मात्र 40 प्रकार […]
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सदर अस्पताल . बाहर से दवा खरीदने को विवश हैं मरीज
लखीसराय सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भरती हुए मरीजों को कई आवश्यक दवायें अस्पताल से नहीं मिलती. मरीजों को बाहर से ही कई आवश्यक दवायें मंगानी पड़ती है तभी उनका उपचार अस्पताल में हो पाता है. अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड मात्र 40 प्रकार की दवायें ही उपलब्ध है. जबकि 117 प्रकार की दवायें उपलब्ध रहने का प्रावधान है.
लखीसराय : एक तरफ सरकार अपने सरकारी अस्पतालों के माध्यम से मरीजों को कई प्रकार की दवा व उचित सुविधा उपलब्ध कराने का दावा करते है जबकि हकीकत कुछ और ही बयां करती है. लखीसराय सदर अस्पताल में सरकारी दावों के अनुसार ओपीडी में 33 एवं इमरजेंसी में 117 प्रकार की दवा उपलब्ध रहने का प्रावधान है, लेकिन वर्तमान समय में ओपीडी में 21, तो इमरजेंसी में मात्र 40 प्रकार की दवा ही उपलब्ध कराया जा रहा है. हालात तो यह है कि अस्पताल में कफ सिरप भी नहीं है.
जिसके अभाव में सर्दी-खांसी की दवा भी बाहर से खरीदनी पड़ रही है. जिला स्थित सदर अस्पताल लखीसराय, रेफरल अस्पताल बड़हिया सहित अन्य प्रखंडों में अवस्थित पीएचसी का यही हाल है, ऐसे में स्वास्थ्य उपकेंद्रों को हाल क्या होगा, इसका सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है.
अस्पताल में नहीं मिलती रोगियों को सुविधा व दवा
अस्पताल में कफ सिरप का भी अभाव
जिले के सदर अस्पताल ,बड़हिया स्थित रेफरल अस्पताल एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में कफ सिरप, नाक, आंख, कान के दवा का अभाव रहने के कारण रोगियों को ऐसी दवा बाहर से खरीदनी होती है.
बोले मरीज : आशुतोष कुमार, सुराज कुमार, सातो यादव, मूसो महतो, सोनू कुमार आदि ने कहा कि बरसात के दिनों में सबसे अधिक लोग सर्दी-खांसी से परेशान रहते हैं लेकिन अस्पताल में कफ सिरफ नहीं है, रोगियों को बाजार से दवा खरीदनी पड़ रही है.
एनआरएचएम की स्थापना
वर्ष 2006 में राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (एनआरएचएम) की घोषणा की गयी और वर्ष 2007 में पूर्ण रूप से देश में इसे लागू किया गया. जिसके तहत सभी सरकारी अस्पतालों में दवा मिलनी शुरू हुई थी. सर्वप्रथम ओपीडी एवं इमरजेंसी में दवा की संख्या कम थी. सरकार के हस्तक्षेप के बाद ओपीडी में 33 एवं इमरजेंसी में 117 प्रकार की दवाओं की व्यवस्था की गयी.
बोले उपाधीक्षक
सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ मुकेश कुमार ने बताया कि ओपीडी में 22 एवं इमरजेंसी मे 40 प्रकार की दवा उपलब्ध हैं. अन्य दवाओं का लिस्ट भेजा गया है. जल्द ही आपूर्ति की जायेगी.
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