जमीनी हकीकत जाने आये है, प्राथमिकता के साथ होगा काम: डीएम

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जमीनी हकीकत जाने आये है,  प्राथमिकता के साथ होगा काम: डीएम

दिघलबैंक प्रखंड की सिंघीमारी पंचायत अंतर्गत कनकई नदी के उस पार बसे पलसा गांव में रविवार का दिन ऐतिहासिक बन गया

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– कनकई नदी के उस पार बसे पलसा गांव का डीएम ने किया निरीक्षण – लोगों ने डीएम से की कनकई नदी पर पुल निर्माण व मूलभूत सुविधाओं की मांग दिघलबैंक दिघलबैंक प्रखंड की सिंघीमारी पंचायत अंतर्गत कनकई नदी के उस पार बसे पलसा गांव में रविवार का दिन ऐतिहासिक बन गया. आजादी के 79 वर्ष बाद पहली बार किसी जिला पदाधिकारी ने स्वयं दुर्गम राहों को पार कर गांव पहुंचकर लोगों का हाल जाना. जिला पदाधिकारी विशाल राज का यह दौरा ग्रामीणों के लिए केवल प्रशासनिक निरीक्षण नहीं, बल्कि भरोसे और संवेदनशीलता का प्रतीक बन गया. डीएम विशाल राज ने चचरी पुल पैदल पार कर वहां से मोटरसाइकिल से कच्चे व ऊबड़-खाबड़ रास्तों से होते हुए पलसा गांव पहुंचे. अधिकारियों की टीम के साथ उन्होंने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं. ग्रामीणों ने डीएम को बताया कि कनकई नदी पर स्थायी पुल नहीं होने के कारण हर वर्ष बरसात में यह इलाका मुख्यधारा से कट जाता है. बाढ़ के दिनों में हालात भयावह हो जाते हैं. आशियाने बह जाते हैं, लोग जान जोखिम में डालकर ऊंचे स्थानों की ओर पलायन करते हैं. आपातकालीन स्थिति में मरीजों को अस्पताल पहुंचाना लगभग असंभव हो जाता है. कई दिनों तक बिजली आपूर्ति ठप रहती है. न पक्की सड़क है, न शुद्ध पेयजल की समुचित व्यवस्था. स्वास्थ्य सेवाओं के लिए बेहतर स्वास्थ्य केंद्र व उच्च शिक्षा के लिए विद्यालय की मांग वर्षों से लंबित है. डीएम विशाल राज ने ग्रामीणों को आश्वस्त करते हुए कहा कि वे स्वयं जमीनी हकीकत जानने के लिए यहां पहुंचे हैं और समस्याओं का स्थायी समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा. उन्होंने संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश देने की बात कही तथा पुल, सड़क, बिजली, पेयजल और स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर ठोस पहल का भरोसा दिलाया. गौरतलब है कि स्थानीय जदयू विधायक गोपाल अग्रवाल ने भी अपने चुनावी घोषणा पत्र में पलसा घाट पर पुल निर्माण का वादा किया था. ऐसे में डीएम के इस दौरे ने विकास की उम्मीदों को और बल दिया है. ग्रामीणों का कहना है कि यदि कनकई नदी पर स्थायी पुल का निर्माण हो जाता है तो दशकों से चला आ रहा अलगाव समाप्त हो जाएगा और पलसा गांव सहित उसपर के कई गांव व हजारों की आबादी विकास की मुख्यधारा से जुड़ सकेगा. प्रशासनिक सक्रियता ने लोगों के मन में विश्वास जगाया है कि अब उनकी आवाज दूर तक पहुंचेगी और वर्षों का इंतजार जल्द खत्म होगा.

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अवधेश कुमार

लेखक के बारे में

By अवधेश कुमार

अवधेश कुमार विगत 25 वर्षों से पत्रकारिता से जुड़े हुए हैं. इन्होंने बतौर पत्रकार अपने कैरियर की शुरूआत वर्ष 2001 से की. उसके बाद विगत 15 वर्षो से प्रभात खबर, किशनगंज के कार्यालय प्रभारी के रूप में कार्यरत हैं. इनकी रूचि राजनीतिक, सामाजिक व अपराध से जुड़ी खबरों में है.

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