मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करता है वक्फ संशोधन कानून : इशहाक

Updated:
विज्ञापन
मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करता है वक्फ संशोधन कानून : इशहाक

मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करता है वक्फ संशोधन कानून : इशहाक

विज्ञापन

किशनगंज. वक्फ संशोधन अधिनियम अल्पसंख्यकों के प्रति भेदभावपूर्ण है और उनके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करता है. उक्त बातें एआइएमआइएम बिहार प्रदेश कोषाध्यक्ष इसहाक आलम ने प्रेसवार्ता में कही. सोमवार को अपने कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में उन्होंने कहा कि विपक्ष की ओर से विरोध भी किया गया था, इसके बावजूद भी बिल लागू किया गया. उन्होंने कहा कि कुछ पार्टियां जो अपने को सेक्युलर बताती है उसने भी इस बिल का साथ दिया. इस कानून का खुल कर विरोध किया जा रहा है. श्री आलम ने कहा कि इस कानून का हमलोग विरोध करते है. सुप्रिम कोर्ट में मामले को लेकर कई याचिकाएं दायर की गई है. हमें उम्मीद है कि फैसला हमारे पक्ष में होगा. उन्होंने कहा कि इस कानून से मुसलमानों की धार्मिक स्वतंत्रता और संपत्ति के अधिकार का उल्लंघन होगा. सरकार को इसे वापस लेना चाहिए. उन्होंने कहा कि इस बिल को लेकर इलाके के लोग परेशान है. हमें उम्मीद है न्यायालय से हमें न्याय मिलेगा. उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि बीस अप्रैल को वक्फ संशोधन बिल के खिलाफ सर्वदलीय विरोध प्रदर्शन किया जाएगा जिसके लिए तैयारियां की जा रही है. उन्होंने कहा कि हम लोग इस बिल का विरोध करते है. ये बिल एक काला कानून है जिसे वापस लेना चाहिए.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
अवधेश कुमार

लेखक के बारे में

By अवधेश कुमार

अवधेश कुमार विगत 25 वर्षों से पत्रकारिता से जुड़े हुए हैं. इन्होंने बतौर पत्रकार अपने कैरियर की शुरूआत वर्ष 2001 से की. उसके बाद विगत 15 वर्षो से प्रभात खबर, किशनगंज के कार्यालय प्रभारी के रूप में कार्यरत हैं. इनकी रूचि राजनीतिक, सामाजिक व अपराध से जुड़ी खबरों में है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन