पुराने दस्तावेजों को डिजिटल माध्यम से संरक्षित करने की प्रक्रिया शुरू

Updated at : 09 Apr 2026 7:36 PM (IST)
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पुराने दस्तावेजों को डिजिटल माध्यम से संरक्षित करने की प्रक्रिया शुरू

पुराने दस्तावेजों को डिजिटल माध्यम से संरक्षित करने की प्रक्रिया शुरू

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75 वर्ष से अधिक पुराने पांडुलिपियों, हस्तलिखित ग्रंथों व ऐतिहासिक दस्तावेजों को चिन्हित कर किया जा रहा संरक्षित

ठाकुरगंज. भारत सरकार के ज्ञान भारत मिशन हमारी अमूल्य विरासत संरक्षण कार्यक्रम के तहत ठाकुरगंज प्रखंड में प्रशासनिक सक्रियता तेज हो गयी है. जिले से लेकर प्रखंड स्तर तक अधिकारी नगर व ग्रामीण क्षेत्रों में मौजूद ऐतिहासिक धरोहरों व पांडुलिपियों को संरक्षित करने के अभियान में जुटे हुए हैं, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए इन अमूल्य विरासतों को सुरक्षित रखा जा सके. इसी क्रम में गुरुवार को प्रखंड विकास पदाधिकारी अमहर अब्दाली ने हरगौरी मंदिर व कनकपुर पंचायत स्थित वेबुलडांगी स्टेट का निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान उन्होंने न केवल इन स्थलों के ऐतिहासिक महत्व की जानकारी ली, बल्कि वहां मौजूद पुराने दस्तावेजों को डिजिटल माध्यम से संरक्षित करने की प्रक्रिया भी शुरू कराई. सबसे पहले बीडीओ हरगौरी मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने करीब 125 वर्ष पुराने मंदिर के इतिहास के बारे में जानकारी प्राप्त की. इस दौरान मंदिर समिति के सदस्यों से बातचीत कर मंदिर से जुड़े पुराने दस्तावेजों को ज्ञान भारत मिशन के तहत विकसित ऐप के माध्यम से अपलोड एवं सुरक्षित करने की जानकारी दी गयी. अधिकारियों ने बताया कि इस तरह के दस्तावेज भविष्य में शोध और ऐतिहासिक संदर्भों के लिए महत्वपूर्ण साबित होंगे. इसके बाद बीडीओ ने वेबुलडांगी स्टेट का दौरा किया, जहां उन्होंने स्थानीय लोगों के सहयोग से कई महत्वपूर्ण ऐतिहासिक दस्तावेजों को संरक्षित कराया. इनमें वर्ष 1908 का कैंची खतियान तथा स्टेट के मालिक स्वर्गीय बहादुर हुसैन के पुत्र का वर्ष 1951 का विवाह निमंत्रण पत्र शामिल है. इन दस्तावेजों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपलोड कर सुरक्षित किया गया, जिससे इनके नष्ट होने की संभावना कम हो सके. बीडीओ अमहर अब्दाली ने बताया कि इस मिशन के तहत 75 वर्ष या उससे अधिक पुराने पांडुलिपियों, हस्तलिखित ग्रंथों व कागज, भोजपत्र या कपड़े पर लिखे ऐतिहासिक दस्तावेजों को चिह्नित कर संरक्षित किया जा रहा है. उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने घरों में सुरक्षित ऐसे पुराने दस्तावेजों को सामने लाएं. इस अभियान से जुड़कर अपनी विरासत को बचाने में सहयोग करें. निरीक्षण के दौरान पूर्व मुख्य पार्षद देवकी अग्रवाल, शेखर चंद्र अग्रवाल, दिलीप जैन एवं राजेश करनानी सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे.

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