दो माह से वेतन नहीं मिलने से विशिष्ट शिक्षकों की होली बेरंग

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दो माह से वेतन नहीं मिलने से विशिष्ट शिक्षकों की होली बेरंग

जल्द वेतन भुगतान की मांग

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ठाकुरगंज. ठाकुरगंज प्रखंड के सैकड़ों विशिष्ट शिक्षक दो माह से बिना वेतन काम कर रहे हैं. परमानेंट रिटायरमेंट अकाउंट नंबर (प्रान) बनाने की प्रक्रिया धीमी होने से वेतन भुगतान अटका हुआ है. वहीं होली आने के बावजूद वेतन न मिलने से शिक्षकों की होली फीकी पड़ चुकी है. बताते चलें राज्य सरकार के नये नियम के तहत नियोजित शिक्षक परीक्षा पास कर विशिष्ट शिक्षक बने. इन शिक्षकों की नयी नौकरी एक जनवरी से मानी जा रही है. नियमानुसार नयी नौकरी में आने के बाद प्रान नंबर जरूरी होता है. इसके लिए शिक्षकों को ऑनलाइन आवेदन करना पड़ता है. आवेदन की जांच के बाद यह जिला शिक्षा पदाधिकारी के लॉगिंग पोर्टल पर जाता है. जहां से यह ट्रेजरी में जाता है. वहां मजूरी के बाद शिक्षकों को प्रान नंबर मिलता है लेकिन प्रान नंबर मिलने के बावजूद शिक्षकों को अन्य प्रक्रिया अधूरी रहने के कारण वेतन नहीं मिल पाया.

यह है बड़ी समस्या

पहले कर्मचारी भविष्य निधि संगठन से वेतन आच्छादित था, तो वेतन पहले सप्ताह के आसपास मिल जाता था. वहीं विशिष्ट शिक्षक बनने के बाद वेतन राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली से आच्छादित होगा. अब विशिष्ट शिक्षकों का पहले परमानेंट रिटायरमेंट अकाउंट जनरेट होगा. उसके बाद ही राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली से आच्छादित हो पायेगा. विभाग की सुस्ती व लापरवाही की वजह से अभी तक किशनगंज जिला में काफी संख्या में शिक्षकों का परमानेंट रिटायरमेंट अकाउंट जनरेट नहीं हो पाया है. समय से प्राण नंबर जनरेट नहीं होने से पर शिक्षकों में नाराजगी है.

प्राण नंबर जेनरेट करने व वेतन भुगतान की गति धीमी

जिले में प्राण जेनरेट और वेतन भुगतान का कार्य काफी धीमा है. इससे शिक्षकों को आर्थिक तंगी से जूझना पड़ रहा है. शिक्षकों का कहना है कि विशिष्ट शिक्षक नियमावली 2023 के तहत निर्धारित वेतन के आधार पर भुगतान की प्रक्रिया शुरू होनी थी, लेकिन अब तक वेतन निर्धारण और भुगतान को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश नहीं मिले हैं. इस कारण शिक्षकों को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है. प्राण जनरेशन और एचआरएमएस पर ऑन बोर्डिंग की प्रक्रिया में देरी के कारण शिक्षकों का वेतन अटका हुआ है. शिक्षकों का कहना है कि यदि जल्द वेतन भुगतान नहीं हुआ, तो उनके लिए जीविका चलाना मुश्किल हो जायेगा और इससे शिक्षा व्यवस्था भी प्रभावित होगी.

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अवधेश कुमार

लेखक के बारे में

By अवधेश कुमार

अवधेश कुमार विगत 25 वर्षों से पत्रकारिता से जुड़े हुए हैं. इन्होंने बतौर पत्रकार अपने कैरियर की शुरूआत वर्ष 2001 से की. उसके बाद विगत 15 वर्षो से प्रभात खबर, किशनगंज के कार्यालय प्रभारी के रूप में कार्यरत हैं. इनकी रूचि राजनीतिक, सामाजिक व अपराध से जुड़ी खबरों में है.

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