सिक्स लेन की आहट और मुआवजे की उम्मीद में फसल वाले खेतों में ही बनने लगा मकान

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निर्माणाधीन मकान

Six Lane Project Compensation: ठाकुरगंज के कनकपुर क्षेत्र में प्रस्तावित सिक्स लेन परियोजना की चर्चा के बीच खेतों में तेजी से पक्के मकान बन रहे हैं. ग्रामीणों के बीच मुआवजे को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं

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ठाकुरगंज (किशनगंज) से बच्छराज नखत की रिपोर्ट:

Six Lane Project Compensation: प्रस्तावित सिक्स लेन सड़क परियोजना की चर्चा ने अभी आधिकारिक रूप नहीं लिया है, लेकिन संभावित एलाइनमेंट वाले क्षेत्रों में इसका असर साफ दिखाई देने लगा है. कनकपुर सहित आसपास के इलाकों में कृषि भूमि का स्वरूप तेजी से बदल रहा है. जहां कुछ समय पहले तक खेतों में फसलें लहलहाती थीं, वहीं अब ईंट, सीमेंट और सरिया से पक्के ढांचे खड़े होते नजर आ रहे हैं.

खेतों के बीच बन रहे पक्के मकान

ग्रामीण इलाकों में खेतों के बीच निर्माणाधीन मकानों की संख्या बढ़ने लगी है. कनकपुर में सामने आई तस्वीरें भी इसी बदलाव की कहानी बयां कर रही हैं. चारों ओर फसलों से घिरे खेत के बीच एक पक्का मकान आकार ले रहा है, जिसे लेकर स्थानीय स्तर पर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं.

ग्रामीणों का कहना है कि ऐसे निर्माण अब केवल एक-दो स्थानों तक सीमित नहीं हैं. संभावित सिक्स लेन एलाइनमेंट से जुड़े कई इलाकों में इसी तरह के निर्माण कार्य शुरू हो चुके हैं.

मुआवजे की उम्मीद में बढ़ी निर्माण गतिविधियां

क्षेत्र में यह चर्चा आम है कि भविष्य में यदि भूमि अधिग्रहण होता है तो खाली कृषि भूमि की तुलना में निर्मित संपत्ति पर अधिक मुआवजा मिलने की संभावना रहती है. इसी उम्मीद में कई लोग खेतों में तेजी से निर्माण कार्य करा रहे हैं.

हालांकि इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है, लेकिन ग्रामीणों के बीच ऐसी धारणा बनने के कारण निर्माण गतिविधियों में अचानक तेजी देखी जा रही है.

प्रशासन की ओर से नहीं जारी हुई कोई अधिसूचना

महत्वपूर्ण बात यह है कि अभी तक प्रशासन या संबंधित विभाग की ओर से सिक्स लेन परियोजना के अंतिम एलाइनमेंट अथवा भूमि अधिग्रहण को लेकर कोई आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं की गई है. इसके बावजूद संभावित परियोजना की चर्चाओं ने ग्रामीण क्षेत्रों में नई हलचल पैदा कर दी है.

चर्चा का विषय बना बदलता ग्रामीण परिदृश्य

अब सवाल यह उठ रहा है कि खेतों के बीच हो रहे ये निर्माण वास्तव में आवासीय जरूरतों को पूरा करने के लिए हैं या संभावित मुआवजे की रणनीति का हिस्सा हैं. इसका स्पष्ट जवाब भविष्य में ही मिल पाएगा.

फिलहाल इतना जरूर है कि सिक्स लेन परियोजना की आहट ने कनकपुर और आसपास के क्षेत्रों में खेती-किसानी की पारंपरिक तस्वीर को बदलना शुरू कर दिया है. खेतों की हरियाली के बीच कंक्रीट के ढांचे तेजी से उभर रहे हैं और यह बदलाव ग्रामीणों के बीच चर्चा का प्रमुख विषय बना हुआ है.

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Shruti Kumari

लेखक के बारे में

By Shruti Kumari

श्रुति कुमारी एक पत्रकार और डिजिटल कंटेंट राइटर हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से अंग्रेजी पत्रकारिता में स्नातकोत्तर डिप्लोमा प्राप्त किया है। वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं। उन्हें विभिन्न प्लाटफॉर्म्स पर डिजिटल पत्रकारिता और कंटेंट राइटिंग का लगभग दो वर्षों का अनुभव है। सामाजिक मुद्दों, महिला सशक्तिकरण, राजनीति, शिक्षा और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लिखना उनकी विशेष रुचि का क्षेत्र है। इसके अलावा वे डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए स्क्रिप्ट राइटिंग करती हैं तथा हिंदी कविता और अंगिका भाषा में लेखन का भी शौक रखती हैं। प्रकृति से उनका विशेष लगाव है और वे मानती हैं कि संवेदनशील, तथ्यपरक और जनसरोकार से जुड़ी पत्रकारिता समाज में सकारात्मक बदलाव का माध्यम बन सकती है।

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