किशनगंज में पर्यावरण संरक्षण को लेकर प्रशासन सख्त, कचरा प्रबंधन और वृक्षारोपण पर दिए गए नए निर्देश
बैठक में शामिल जिला पदाधिकारी व अन्य पदाधिकारी | Prabhat Khabar Network
किशनगंज में जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में जिला गंगा समिति की बैठक हुई। इसमें ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और वृक्षारोपण को लेकर अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए गए हैं।
Kishanganj News: किशनगंज में पर्यावरण संरक्षण, कचरा प्रबंधन और स्वच्छता व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए शनिवार को जिला गंगा समिति (नमामि गंगे) और पर्यावरण समिति की मासिक समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई. जिलाधिकारी नवीन कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में जैव-चिकित्सीय अपशिष्ट के सुरक्षित निस्तारण, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, वर्मी कम्पोस्ट उत्पादन और वृक्षारोपण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से समीक्षा की गई.
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी. उन्होंने सभी संबंधित विभागों को तय समय सीमा के भीतर कार्रवाई सुनिश्चित करने और नियमित प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा.
जैव-चिकित्सीय अपशिष्ट की नियमित जांच के निर्देश
समीक्षा बैठक में जिला परियोजना पदाधिकारी, नमामि गंगे और जिला सिविल सर्जन सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि जिले में जैव-चिकित्सीय अपशिष्ट के प्रबंधन और निस्तारण की नियमित एवं कठोर जांच जारी रखी जाए.
जिलाधिकारी ने कहा कि अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों और अन्य चिकित्सा संस्थानों में यदि नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित संस्थान के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाए, ताकि पर्यावरण और सार्वजनिक स्वास्थ्य पर किसी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव न पड़े.
ठोस कचरे के पृथक्करण और उठाव पर जोर
नगर निकाय के कार्यपालक पदाधिकारी को निर्देश दिया गया कि ठोस अपशिष्ट के स्रोत स्तर पर पृथक्करण की व्यवस्था को मजबूत किया जाए. इसके लिए संबंधित कर्मियों को प्रशिक्षण देने और प्रत्येक क्षेत्र के लिए सुपरवाइजर नामित करने के निर्देश दिए गए.
उन्होंने कहा कि कचरे का नियमित और समुचित उठाव सुनिश्चित किया जाए, ताकि शहर और कस्बाई क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था बेहतर हो और अनियोजित कचरा निस्तारण की समस्या कम हो.
वर्मी कम्पोस्ट उत्पादन को बनाया जाएगा प्राथमिकता
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि जिले में संग्रहित जैविक ठोस अपशिष्ट का वैज्ञानिक तरीके से प्रसंस्करण किया जाएगा. जिलाधिकारी ने वर्मी कम्पोस्ट उत्पादन को प्रमुख उद्देश्य बनाकर कार्य करने का निर्देश दिया, ताकि अधिक से अधिक जैविक खाद तैयार की जा सके और उसका स्थानीय स्तर पर उपयोग बढ़ाया जा सके.
प्रशासन का मानना है कि इससे कचरा प्रबंधन के साथ-साथ कृषि और पर्यावरण दोनों क्षेत्रों को लाभ मिलेगा.
प्रमुख मार्गों पर होगा वृक्षारोपण
नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी प्रवीण कुमार को शहर के प्रमुख मार्गों और सड़क किनारे उपयुक्त स्थलों पर वृक्षारोपण कराने के निर्देश दिए गए. साथ ही लगाए गए पौधों की सुरक्षा, नियमित सिंचाई और देखभाल की व्यवस्था सुनिश्चित करने को भी कहा गया.
जिलाधिकारी ने कहा कि केवल पौधे लगाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनके जीवित रहने और विकसित होने की व्यवस्था भी प्रशासनिक जिम्मेदारी का हिस्सा है.
Kishanganj News: हर महीने देनी होगी प्रगति रिपोर्ट
जिला परियोजना पदाधिकारी, नमामि गंगे मंसूर आलम को निर्देश दिया गया कि प्रत्येक माह किए गए कार्यों और उपलब्धियों का विस्तृत प्रतिवेदन तैयार कर नियमित रूप से प्रस्तुत किया जाए.
बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि दिए गए निर्देशों का अनुपालन निर्धारित समय सीमा के भीतर सुनिश्चित किया जाए, ताकि जिले में पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता से जुड़े कार्यों में ठोस सुधार दिखाई दे.
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