एनएच 327 ई पर एक साल पूर्व बना रेस्ट एरिया का वाहन चालकों व यात्रियों को नहीं मिल रहा लाभ

राष्ट्रीय राजमार्ग 327 ई पर सफर करने वाले वाहन चालकों को सुविधा देने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की ओर से गणेश टोला में बना रेस्ट एरिया पिछले एक साल से बनकर तैयार है.
ठाकुरगंज.राष्ट्रीय राजमार्ग 327 ई पर सफर करने वाले वाहन चालकों को सुविधा देने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की ओर से गणेश टोला में बना रेस्ट एरिया पिछले एक साल से बनकर तैयार है. लेकिन एनएचएआई के द्वारा इसे चालू नहीं किये जाने के कारण वाहन चालकों को इसका कोई फायदा नहीं मिल रहा है. बताते चले करीब एक साल पहले ठाकुरगंज से बहादुरगंज के बीच गणेश टोला गांव के पास सड़क निर्माण एजेंसी ने रेस्ट एरिया बनाया था . रेस्ट एरिया बनाने के बाद इसे एनएचएआई को हैंड ओवर भी कर दिया गया लेकिन एक साल बीतने के बावजूद इस रेस्ट एरिया पर ताला लगा है. राष्ट्रीय राजमार्ग पर विश्राम करने के लिए कोई व्यवस्था नहीं होने के कारण छोटे व बड़े वाहन चालक बीच सड़क या सर्विस रोड पर ही अपने वाहनों को रोककर विश्राम करने को मजबूर हैं.
बताते चले पिछले कई दिनों से जिले में काफी धुंध छाई हुई है . जिससे हादसों का खतरा बढ़ रहा है लेकिन भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की ओर से वाहन चालकों को सुविधा नहीं मिल पा रही है और तो और करोड़ों रुपये की राशि से विश्राम क्षेत्र में निर्मित शौचालय, कमरे व जलपान गृह दिन पर दिन खराब हो रहे हैं. विश्राम क्षेत्र में करीब 30 बड़े व छोटे ट्रकों व 50 से अधिक चार पहिया वाहनों के एक साथ रुकने की व्यवस्था है. लेकिन यह बंद रहने के कारण कोई भी वाहन चालक अगर वहां रुकना चाहता है तो भी वहां पर नहीं रुक सकता.लंबे रूट वाले चालकों व यात्रियों को होती है दिक्कत
राष्ट्रीय राजमार्ग 327 ई आसाम को उतर बंगाल होते हुए शेष बिहार, उतरप्रदेश और दिल्ली से जोड़ता है . जिस कारण इस इलाके से रोजाना सैकड़ों वाहन चालक आते-जाते हैं. वहीं रूट पर बड़े-बड़े ट्रकों के माध्यम से सामान भी आता जाता है. इन वाहन चालकों व यात्रियों को शौचालय सहित अन्य सुविधाएं के लिए निजी प्रतिष्ठानों पर रुकना पड़ता है.क्या सुविधा मिलेगी रेस्ट एरिया में
राष्ट्रीय राजमार्ग पर बने रेस्ट एरिया एक सार्वजनिक सुविधा है जहां यात्रियों को लंबी यात्रा के दौरान आराम करने, भोजन करने या ईंधन भरवाने के लिए रुकने की जगह मिलती है. इन जगहों को ””वे साइड एमेनिटीज”” या ””हाइवे विलेज”” भी कहा जाता है . भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को बढ़ावा देने के लिए राजमार्गों पर ये सुविधाएं विकसित करता है . एनएच पर बने रेस्ट एरिया में आमतौर पर सुरक्षित और पर्याप्त पार्किंग की जगह मिलती है जिसमें अक्सर ट्रक ड्राइवरों के लिए अलग से पार्किंग भी होती है . वही यहाँ साफ-सुथरे सार्वजनिक शौचालय के साथ रेस्टोरेंट, फूड प्लाजा और ढाबे रहते है . इसके अलावे पेट्रोल और गैस स्टेशन तो होता है ही ड्राइवरों के लिए आराम करने के लिए डॉर्मिटरी या वातानुकूलित कमरे बनाये जाते है वही मुफ्त वाई-फाई, पीने का साफ पानी, कपड़े धोने की मशीन और कभी-कभी बच्चों के खेलने का क्षेत्र भी उपलब्ध होता है.
क्या कहते है अधिकारी
वही इस मामले में एनएचएआई के प्रोजेक्ट डाइरेक्टर प्रवीण कुमार कटियार से बात करने का प्रयास किया गया लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया.
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