पहाड़कट्टा. पोठिया प्रखंड के पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान महाविद्यालय अर्राबाड़ी में वैज्ञानिक मुर्गी पालन द्वारा ग्रामीण सशक्तिकरण विषय पर सात दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ 13 जनवरी को हुआ. कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए डॉ नरेंद्र कुमार प्राध्यापक ने बताया कि वैज्ञानिक जानकारी के अभाव में मुर्गी पालकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है. प्रशिक्षण प्राप्त कर मुर्गीपालक स्वरोजगार के साथ-साथ अपने आमदनी को बढ़ा सकते है. प्रशिक्षण कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए प्रशिक्षण आयोजिका डॉ आकृति आना ने बताया कि डॉ इंद्रजीत सिंह कुलपति बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय के मार्गदर्शन में प्रसार शिक्षा निदेशक डॉ निर्मल सिंह दहिया के निर्देशानुसार डॉ चंद्रहास के नेतृत्व में महाविद्यालय द्वारा मुर्गी पालन प्रशिक्षण का आयोजन किया जा रहा है. इस दौरान मुर्गी पालन से संबंधित विभिन्न आयामों जैसे आवास व्यवस्था, बीमारियों से बचाव की व्यवस्था एवं उनके पोषण के साथ-साथ सरकारी योजनाएं एवं बैंक से ऋण (लोन) की प्रक्रिया इत्यादि विषयों के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाएगी जिससे कि प्रशिक्षणार्थि आत्मविश्वास के साथ अपने खुद का व्यवसाय शुरू कर सके. पाठ्यक्रम निदेशक डॉ राजेश कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन किया एवं प्रतिभागियों को वैज्ञानिक तरीके से मुर्गी पालन करने की सलाह दी.
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