ePaper

सफेद धुएं के लत में युवा पीढ़ी, स्मैक खरीदने के लिए कर रहे कई अपराध

Updated at : 23 Jul 2025 7:39 PM (IST)
विज्ञापन
सफेद धुएं के लत में युवा पीढ़ी, स्मैक खरीदने के लिए कर रहे कई अपराध

स्मैक खरीदने के लिए कर रहे कई अपराध

विज्ञापन

-शहर में इन्हीं स्मैकिए के कारण बढ़ रही है चोरी की घटनाएं

-जिले में बढ़ रहा है ब्लैक एंड व्हाइट नशे का कारोबार

-गांव तक में अफीम बेचने वाले रैकेट सक्रिय

-इन नशेड़ियों के वजह से बढ़ रहा है अपराध

किशनगंज

जिले में इन दिनों ब्लैक एंड व्हाइट नशा काफी सिर चढ़कर बोल रहा है. ब्राउन शुगर, गांजा, अफीम सहित अन्य मादक पदार्थो का कारोबार जिले के शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक तेजी से पांव पसार रहा है. ब्राउन शुगर और गांजा के सौदागर पहले युवाओं को मुफ्त में मादक पदार्थ खिलाकर नशे का आदी बनाते हैं. बाद में जब उनको नशे की लत लग जाती है तो इसके बदले में भारी रुपए वसूलते हैं.

नाबालिग भी इस नशे के जद में हैएक सर्वे के अनुसार देश में 17 साल से कम उम्र के 20 फीसदी बच्चे तंबाकू के उत्पाद का प्रयोग करते हैं. नदी, तालाब का किनारा, पार्क, सुनसान बिल्डिंग के अहाते में यूवक नशे का सेवन कर रहें हैं. नशे की लत में जकड़ चुके युवाओं को घर से इतना रुपया नहीं मिल पता था कि स्मैक खरीद सके. जब उनके पास रुपए रहता था तब तक छात्र स्मैक खरीदते हैं. लेकिन जब रुपया नहीं होता था तब ये लोग छोटे-छोटे अपराध में कदम रखना शुरू कर देते हैं.

शहर में इन जगहों पर नशेड़ियों का लगता है जमावड़ा

फारिंगगोला पेट्रोल पंप के समीप पानी टंकी रोड, रुइधासा मैदान, सत्संग बिहार के पीछे काली मंदिर के सूनसान इलाकें, लाइन फील्ड, मोती बाग, डे-मार्केट और बस स्टैंड फ्लाई ओवर के नीचे, कजला मनी, लहरा चौक, हलीम चौक, खगड़ा मेला मैदान, दिलावर गंज, शमशान के इलाकें सहित शहर में दर्जनों ऐसे जगह हैं. जहां दिन में तो कभी दोपहर या फिर रात के अंधेरे में स्मैक और ब्राउन शुगर लेने वालों को जमावड़ा लगता है.

स्मैक और ब्राउन शुगर की तलब बढ़ा रही अपराध

जानकारों की मानें तो स्मैक का नशा महंगे नशे में शुमार है. स्मैक की लत लगने के बाद इसके शिकार व्यक्ति को हर हाल में स्मैक चाहिए होती है. स्मैक की खरीददारी के लिये इतने पैसे घर से मिल पाना मुश्किल हो जाता है. पास का पूंजी खत्म होने और कहीं से पैसा नहीं मिलने की स्थिति में स्मैक के नशेड़ी चोरी और अपराध करते हैं. पिछले दिनों क्राइम रिकॉर्ड देखा जाए तो अधिकतर ऐसी वारदातों में स्मैकचियों का ही हाथ सामने आया है. कई प्रतिष्ठान व घरों में चोरी व महिलाओं के गले से चैन, मोबाइल आदि छीनने की कई वारदातों में स्मैकचियों का हाथ सामने आया है.

पश्चिम बंगाल से होता है स्मैक और ब्राउन शुगर का सप्लाई

जिले में फैल रहे सफेद जहर की आपूर्ति पश्चिम बंगाल के विभिन्न इलाकों से होती है. खासकर दालकोला, इस्लाम पुर और मालदा तक सफेद जहर बेचने वाले सौदागरों का जाल बिछा हुआ है.

ये लक्षण दिखे तो पैरेंट्स हो जाएं चौकन्ना

बच्चों द्वारा बार-बार पैसे की डिमांड करना.

आंखे लाल रहना.

चिड़चिड़ापन हो जाना.

गुमशुम रहना.

पढ़ाई पर ध्यान न देना.

बात-बात पर हर किसी से लड़ना.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
AWADHESH KUMAR

लेखक के बारे में

By AWADHESH KUMAR

AWADHESH KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन