अब नहीं डगमगाएगा लंबी दूरी का सफर... NFR की सभी एक्सप्रेस ट्रेनें हुईं LHB कोच से लैस

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अब नहीं डगमगाएगा लंबी दूरी का सफर... एनएफआर की सभी एक्सप्रेस ट्रेनें हुईं एलएचबी कोच से लैस

एल एच बी कोच

पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (NFR) ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है, अपनी सभी लंबी दूरी की यात्री ट्रेनों को 100% LHB कोच में बदल दिया है. इस बदलाव से लाखों यात्रियों को अब अधिक सुरक्षित और आरामदायक यात्रा का अनुभव मिलेगा.

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किशनगंज : पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (एनएफआर) ने रेल यात्रियों के लिए एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए अपनी सभी लंबी दूरी की यात्री ट्रेनों का 100 प्रतिशत एलएचबी (लिंके हॉफमैन बुश) कोच में रूपांतरण पूरा कर लिया है. इसके साथ ही एनएफआर देश के उन चुनिंदा रेलवे जोनों में शामिल हो गया है, जहां लंबी दूरी की सभी ट्रेनें अब आधुनिक एलएचबी कोच के साथ संचालित हो रही हैं. इस बदलाव से पूर्वोत्तर भारत, बिहार, पश्चिम बंगाल सहित देश के विभिन्न हिस्सों के बीच यात्रा करने वाले लाखों यात्रियों को अधिक सुरक्षित और आरामदायक सफर मिलेगा.

103 लंबी दूरी की ट्रेनें अब एलएचबी कोच से संचालित

रेलवे के अनुसार एनएफआर नेटवर्क पर संचालित कुल 103 लंबी दूरी की ट्रेनें अब एलएचबी कोच के साथ चल रही हैं. इनमें 55 ट्रेनें पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे की हैं, जबकि 48 ट्रेनें अन्य रेलवे जोनों की हैं, जो एनएफआर क्षेत्र से होकर गुजरती हैं. रेलवे का कहना है कि यह उपलब्धि सुरक्षा और यात्री सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है.

एलएचबी कोच क्यों हैं अधिक सुरक्षित

एलएचबी कोच जर्मनी की आधुनिक तकनीक पर आधारित हैं. इनमें एंटी-क्लाइंबिंग और एंटी-टेलीस्कोपिक तकनीक लगी होती है, जिससे दुर्घटना के समय डिब्बों के एक-दूसरे पर चढ़ने या भीतर घुसने की आशंका काफी कम हो जाती है. इसके अलावा स्टेनलेस स्टील बॉडी, आधुनिक ब्रेकिंग सिस्टम और बेहतर अग्नि सुरक्षा प्रणाली इन्हें पारंपरिक आईसीएफ कोच की तुलना में अधिक सुरक्षित बनाती है.

कम झटके, कम शोर और ज्यादा आराम

एलएचबी कोच में बेहतर सस्पेंशन सिस्टम होने के कारण तेज गति पर भी झटके कम महसूस होते हैं. कोच के भीतर कंपन और शोर भी कम होता है, जिससे लंबी दूरी का सफर अधिक आरामदायक बन जाता है. यात्रियों को बेहतर यात्रा अनुभव के साथ सुरक्षित सफर का लाभ मिलेगा.

चरणबद्ध तरीके से पूरा हुआ रूपांतरण

एनएफआर ने इस अभियान को चरणबद्ध तरीके से पूरा किया. वित्त वर्ष 2025-26 में छह जोड़ी लंबी दूरी की ट्रेनों को आईसीएफ से एलएचबी कोच में बदला गया. इसी अवधि में पांच जोड़ी नई लंबी दूरी की ट्रेनों का संचालन सीधे एलएचबी रेक के साथ शुरू किया गया. चालू वित्त वर्ष में रानी कमलापति–अगरतला–रानी कमलापति स्पेशल एक्सप्रेस के एलएचबी रूपांतरण के साथ यह अभियान पूरी तरह पूरा हो गया.

सीमांचल के यात्रियों को मिलेगा सीधा लाभ

किशनगंज, ठाकुरगंज, अलीपुरद्वार, न्यू जलपाईगुड़ी और पूर्वोत्तर की ओर यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए यह बदलाव विशेष महत्व रखता है. रोजगार, शिक्षा, व्यवसाय और चिकित्सा के लिए लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों को अब अधिक सुरक्षित, स्थिर और सुविधाजनक सफर का अनुभव मिलेगा.

रेलवे के आधुनिकीकरण की दिशा में बड़ा कदम

रेलवे अधिकारियों के अनुसार एलएचबी कोच कम रखरखाव वाले, अधिक टिकाऊ और आधुनिक तकनीक से लैस हैं. भारतीय रेल यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराने और रेल परिचालन को अधिक सुरक्षित व आधुनिक बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है.

एक नजर में

  • एनएफआर की सभी लंबी दूरी की ट्रेनें अब एलएचबी कोच से संचालित.
  • कुल 103 ट्रेनों का एलएचबी कोच में रूपांतरण पूरा.
  • 55 ट्रेनें एनएफआर और 48 अन्य रेलवे जोनों की शामिल.
  • एंटी-क्लाइंबिंग और एंटी-टेलीस्कोपिक तकनीक से बढ़ी सुरक्षा.
  • कम झटके, कम शोर और अधिक आरामदायक सफर.
  • सीमांचल और पूर्वोत्तर भारत के लाखों यात्रियों को मिलेगा सीधा लाभ.

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बच्छराज

लेखक के बारे में

By बच्छराज

बच्छराज प्रिंट माध्यम में 25 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. ठाकुरगंज (किशनगंज) क्षेत्र में काम कर रहे हैं. सामाजिक कार्यों, शिक्षा, राजनीति व खेल में रुचि रखते हैं.

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