ePaper

दो स्कूलों का एक साथ बन रहा एमडीएम, शिक्षा पर ध्यान नही

Updated at : 17 Jul 2025 8:24 PM (IST)
विज्ञापन
दो स्कूलों का एक साथ बन रहा एमडीएम, शिक्षा पर ध्यान नही

दो स्कूलों का एक साथ चल रहा एमडीएम, पर शिक्षा पर ध्यान नही

विज्ञापन

ठाकुरगंज. सूबे के शिक्षा विभाग ने 2018 में एक आदेश दिया था कि अब एक ही स्कूल में दो-दो प्रधान नहीं रहेंगे. आदेश के सात साल बीत गए, लेकिन किशनगंज जिले में इस आदेश का क्रियान्वयन हुआ ही नहीं. बताते चले शिक्षा विभाग के तत्कालिन निदेशक अरविंद कुमार वर्मा ने राज्य में वैसे दो या दो से अधिक विद्यालय जो एक ही विद्यालय के भवन में संचालित है, उन्हें एक विद्यालय में सामंजित कर अतिरिक्त शिक्षकों को अन्यत्र स्थानांतरित करने का आदेश दिया था. वर्षों बीतने के बावजूद मर्ज स्कूलों को एक नही किया जा सका है. ऐसे दर्जन भर स्कूल ठकुरगंज प्रखंड में संचालित है. जिनमें दोनों विद्यालय के प्रधानाध्यापक अपने पद पर बने हुए है.

क्या है मामला

पहले कई स्कूल अस्थायी परिसर में खोले गये थे. इसका उद्येश्य ड्रापआउट बच्चों को शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ना था. कुछ शिक्षकों की पदस्थापना भी हुई थी. वहीं विद्यालय खुलने के कई वर्षो बाद भी ऐसे स्कूल अब तक जमीन नहीं मिलने पर समीपवर्ती स्कूलों में टैग करके चलाए जा रहे हैं.

पढ़ाई अलग अलग होती, एमडीएम एक साथ बनता

एक भवन में दो स्कूल. न छात्र पढ़ते हैं और न शिक्षक ढंग से पढ़ा पाते हैं. पता ही नहीं चलता है कि किस स्कूल में कौन छात्र पढ़ रहा हैं. पहचान मुश्किल होने के कारण शिक्षक भी परेशान रहते हैं. उक्त समस्या को देखते हुए शिक्षा विभाग ने एक कैंपस में कई स्कूल चलने वालों को मर्ज करने का निर्णय लिया था. ठाकुरगंज प्रखंड के चुरली पंचायत के उत्कमित उच्च विद्यालय लोधा व प्राथमिक विद्यालय कारगिल बस्ती के बच्चे एक छत के नीचे एक साथ पढ़ते है. हालांकि दोनों स्कूलों का डाइस कोड अलग-अलग है. बच्चों की हाजिरी भी अलग-अलग बनती है. एमडीएम संचालन एक साथ होता है. दोनों स्कूलों में पहली से पांचवीं तक के बच्चें नामांकित हैं. इससे शिक्षकों को परेशानी होती है.

2011 मे आस्तित्व में आया प्राथमिक विद्यालय कारगिल बस्ती

2011 में प्राथमिक विद्यालय कारगिल बस्ती अस्तित्व में आया. स्कूल को साढ़े सात डिसमिल जमीन भी मिल गई, लेकिन उक्त जमीन पर स्कूल को कब्ज़ा दिलवाने में अंचल प्रशासन असफल रही. शिक्षा विभाग का कहना था कि 10 डिसमिल भूमि के नीचे भवन हेतु राशि आवंटित नहीं की जाएगी. जिसका असर यह हुआ की स्कूल अपने पोषक क्षेत्र से दो किमी दूर उत्क्रमित उच्च विद्यालय लोधा में सिफ्ट कर दिया गया. इसके कारण स्कूल में नामांकित छात्रों की संख्या 35 हो गई. औसतम स्कूल में 20 बच्चे ही उपस्थित रहते हैं. स्कूल में हेडमास्टर सहित कुल चार शिक्षक है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
AWADHESH KUMAR

लेखक के बारे में

By AWADHESH KUMAR

AWADHESH KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन