आजादी के 79 वर्षों बाद भी विकास की राह ताक रहा काशीबाड़ी गांव, 5000 की आबादी परेशान

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काशीबाड़ी-बीबीगंज जर्जर सड़क का दृश्य, जहां कीचड़ और टूटे मार्ग से ग्रामीण परेशान हैं.

Kishanganj Rural Development: किशनगंज के काशीबाड़ी गांव में काशीबाड़ी-बीबीगंज सड़क की खराब हालत से करीब 5000 लोग प्रभावित हैं. ग्रामीणों ने जल्द सड़क निर्माण की मांग की है.

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किशनगंज से गौरव कुमार की रिपोर्ट:

Kishanganj Rural Development: टेढ़ागाछ प्रखंड अंतर्गत कालपीर पंचायत स्थित काशीबाड़ी गांव आज भी विकास की राह देख रहा है. गांव को बीबीगंज बाजार से जोड़ने वाली काशीबाड़ी-बीबीगंज सड़क वर्षों से जर्जर स्थिति में है, जिसके कारण ग्रामीणों का जनजीवन प्रभावित हो रहा है.

5000 की आबादी पर निर्भर है यह सड़क

यह सड़क टेढ़ागाछ एवं दिघलबैंक प्रखंड को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मार्ग है. लगभग पांच हजार की आबादी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से इसी मार्ग पर निर्भर है. शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और व्यापार के लिए यह सड़क ग्रामीणों की जीवनरेखा मानी जाती है.

बरसात में बढ़ जाती है परेशानी

बरसात के मौसम में यह सड़क पूरी तरह कीचड़ और जलजमाव में बदल जाती है. इसके कारण स्कूली बच्चों को विद्यालय जाने में कठिनाई होती है, जबकि मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाना भी चुनौती बन जाता है.

किसानों को अपनी उपज बाजार तक ले जाने में अतिरिक्त खर्च और जोखिम उठाना पड़ता है. वहीं गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और गंभीर मरीजों के लिए स्थिति और भी गंभीर हो जाती है.

वर्षों से उठ रही मांग, अब तक नहीं हुआ समाधान

ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण की मांग लंबे समय से की जा रही है. जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों को कई बार इसकी जानकारी दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हो सकी है.

इससे ग्रामीणों में निराशा और आक्रोश बढ़ता जा रहा है.

सामाजिक कार्यकर्ताओं ने उठाई आवाज

सामाजिक कार्यकर्ता मो. आजम आलम ने कहा कि सड़क केवल आवागमन का साधन नहीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और समग्र विकास की आधारशिला होती है. उन्होंने जिला प्रशासन और राज्य सरकार से काशीबाड़ी-बीबीगंज सड़क के निर्माण की मांग को प्राथमिकता देने की अपील की.

आंदोलन की चेतावनी

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द सड़क निर्माण की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाया गया तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे. ग्रामीणों का कहना है कि अब और उपेक्षा बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

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Shruti Kumari

लेखक के बारे में

By Shruti Kumari

श्रुति कुमारी एक पत्रकार और डिजिटल कंटेंट राइटर हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से अंग्रेजी पत्रकारिता में स्नातकोत्तर डिप्लोमा प्राप्त किया है। वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं। उन्हें विभिन्न प्लाटफॉर्म्स पर डिजिटल पत्रकारिता और कंटेंट राइटिंग का लगभग दो वर्षों का अनुभव है। सामाजिक मुद्दों, महिला सशक्तिकरण, राजनीति, शिक्षा और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लिखना उनकी विशेष रुचि का क्षेत्र है। इसके अलावा वे डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए स्क्रिप्ट राइटिंग करती हैं तथा हिंदी कविता और अंगिका भाषा में लेखन का भी शौक रखती हैं। प्रकृति से उनका विशेष लगाव है और वे मानती हैं कि संवेदनशील, तथ्यपरक और जनसरोकार से जुड़ी पत्रकारिता समाज में सकारात्मक बदलाव का माध्यम बन सकती है।

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