ePaper

बरसात में कच्ची सड़क पर चलना मुश्किल, खतरे की आंशका

Updated at : 02 Aug 2025 6:24 PM (IST)
विज्ञापन
बरसात में कच्ची सड़क पर चलना मुश्किल, खतरे की आंशका

खतरे की आंशका

विज्ञापन

पहाड़कट्टा- पोठिया प्रखंड के कोल्था पंचायत में आधा दर्जन गांव के हजारों ग्रामीणों को आज भी पक्की सड़क का इंतेजार है. बता दें कि कोल्था ग्राम पंचायत के सिंघिमारी, रंगामनी एवं बनबाड़ी सहित कई गांव दशकों से अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है. उक्त गांव में आदिवासी और शेरशाहवादी समुदाय के लोग मुख्य रूप से निवास करते है. करीब 6 किलोमीटर लंबी कच्ची सड़क से लोगों को आवागमन में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है. खासकर बरसात के दिनों में मुश्किलें कई गुणा अधिक बढ़ जाती है. बारिश होते ही गांव की कच्ची सड़क कीचड़ में तब्दील हो जाती है, जिससे चलते समय थोड़ी भी असावधानी होने पर लोग फिसल कर गिर जाते है और जख्मी हो जाते है. प्रत्येक गांव करीब एक-एक किलोमीटर की दूरी पर अवस्थित है. इन सभी गांवों में गरीब एवं मजदूर वर्ग के लोग वास करते है. खेती-किसानी कर सभी ग्रामीण अपना जीवन-यापन करते हैं. सिंघीमारी गांव के स्थानीय ग्रामीण मो हुसैन, अकील अली, मो अली, मुशर्रफ अली, साकिर, शाहनवाज़ हुसैन, अफसर अली, अशफाक आलम ने बताया कि इन गांवों की करीब दस हजार की अधिक की आबादी है. यहां मुख्य रूप से शेरशाहवादी, आदिवासी, सुरजापुरी मुस्लिम वर्ग के लोग रहते है. कई बार स्थानीय मुखिया, जिला परिषद, विधायक को लोगों ने सड़क की समस्या से अवगत कराते हुए पक्की सड़क के निर्माण की मांग की. लेकिन अब तक सिर्फ आश्वासन ही मिलता रहा है. ग्रामीणों ने कहा कि वादा खिलाफी करने वाले जनप्रतिनिधियों को आगामी चुनाव में वोट की चोट से सबक सिखाया जाएगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
AWADHESH KUMAR

लेखक के बारे में

By AWADHESH KUMAR

AWADHESH KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन