सुरक्षित मतदान के लिए स्वास्थ्य विभाग सजग, मेडिकल बोर्ड गठित, कर्मियों की होगी स्वास्थ्य जांच

बिहार विधानसभा आम निर्वाचन 2025 को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन के द्वारा निर्वाचन कार्य में तैनात किए जाने वाले कर्मियों की स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशेष कदम उठाए गए हैं.
किशनगंज.बिहार विधानसभा आम निर्वाचन 2025 को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन के द्वारा निर्वाचन कार्य में तैनात किए जाने वाले कर्मियों की स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशेष कदम उठाए गए हैं. मतदान कार्य में लगे कर्मियों की चिकित्सीय जांच हेतु एक मेडिकल बोर्ड का गठन किया गया है, ताकि किसी भी अस्वस्थ या असक्षम कर्मी को समय रहते चिकित्सकीय सुविधा प्रदान की जा सके और चुनाव प्रक्रिया सुरक्षित रूप से संपन्न हो.
स्वास्थ्य आधारित मूल्यांकन से सुनिश्चित होगा सुरक्षित मतदान
जिलाधिकारी विशाल राज ने बताया कि निर्वाचन कार्य एक अत्यंत जिम्मेदारीपूर्ण प्रक्रिया है, जिसमें स्वास्थ्यकर्मी और अन्य अधिकारी दिन-रात कार्य करते हैं. इसलिए यह आवश्यक है कि निर्वाचन ड्यूटी पर तैनाती से पूर्व सभी कर्मियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जाए. उन्होंने कहा कि सुरक्षित और निर्बाध मतदान प्रक्रिया के लिए कर्मियों का स्वस्थ रहना अनिवार्य है. मेडिकल बोर्ड के गठन से यह सुनिश्चित होगा कि कोई भी चिकित्सकीय रूप से अयोग्य व्यक्ति मतदान कार्य में सम्मिलित न हो.
विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम करेगी जांच
सिविल सर्जन डॉ राज कुमार चौधरी ने बताया कि जिला प्रशासन के निर्देश पर गठित यह मेडिकल बोर्ड आगामी 13 अक्टूबर से 17 अक्टूबर 2025 तक प्रतिदिन पूर्वाह्न 10 बजे से अपराह्न 4 बजे तक कार्य करेगा. उन्होंने कहा, “जांच के लिए योग्य चिकित्सकों की टीम नियुक्त की गई है, जो मतदान कर्मियों की शारीरिक स्थिति का मूल्यांकन कर उपयुक्त रिपोर्ट देगी. इससे किसी भी आकस्मिक स्वास्थ्य समस्या को समय रहते पहचाना जा सकेगा.”
तीन सदस्यीय मेडिकल बोर्ड का गठन
गठित बोर्ड में डॉ मो अनवर हुसैन, सर्जन, सदर अस्पताल, किशनगंज (मो. 9431288593), डॉ उर्मिला कुमारी, वरिष्ठ चिकित्सा पदाधिकारी एवं एनसीडीओ, किशनगंज (मो 9473083636), डॉ कुंदन आनन्द फिजीशियन, सदर अस्पताल, किशनगंज (मो 7033304802) शामिल हैं. इनके साथ आवश्यकतानुसार नर्स, कम्पाउंडर और लैब टेक्निशियन की भी तैनाती की जाएगी. बोर्ड का उद्देश्य सभी पात्र कर्मियों की चिकित्सीय जांच कर उनकी कार्यक्षमता का प्रमाण सुनिश्चित करना है.
प्रतिनियुक्त कर्मी की होगी चिकित्सीय जांच
निर्वाचन कार्य में तैनात कर्मियों को निर्धारित तिथि के भीतर चिकित्सीय परीक्षण करवाना अनिवार्य होगा. मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट संबंधित नोडल पदाधिकारी को उपलब्ध कराई जाएगी ताकि पात्र कर्मियों की सूची अंतिम रूप से तैयार की जा सके. बोर्ड कर्मियों की शारीरिक स्थिति के आधार पर उन्हें ड्यूटी के लिए उपयुक्त या अनुपयुक्त घोषित करेगा.
चुनाव में स्वास्थ्य विभाग की अहम भूमिका
जिलाधिकारी ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की भूमिका इस बार सिर्फ चिकित्सा सुविधा देने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह निर्वाचन प्रक्रिया की सुरक्षा और सुचारू संचालन की मुख्य आधारशिला है. वहीं सिविल सर्जन डॉ चौधरी ने मतदान कर्मियों की स्वास्थ्य जांच से लेकर आवश्यक दवा और आपातकालीन व्यवस्था तक हर स्तर पर स्वास्थ्य विभाग पूरी तत्परता से तैयार है. सुरक्षित मतदान और स्वस्थ कर्मियों की भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में यह कदम न केवल प्रशासनिक सतर्कता का उदाहरण है, बल्कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया की सफलता के लिए एक सशक्त स्वास्थ्य सुरक्षा व्यवस्था का प्रतीक भी है.
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