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समाज के कई हिस्सों में आज भी बेटियों को नहीं मिल रहा अधिकार

Updated at : 19 Nov 2025 7:00 PM (IST)
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समाज के कई हिस्सों में आज भी बेटियों को नहीं मिल रहा अधिकार

विश्व बाल दिवस " 2025 के अवसर पर ''बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ'' योजना अंतर्गत संवाद कार्यक्रम का किया गया आयोजन

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-विश्व बाल दिवस ” 2025 के अवसर पर ””बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ”” योजना अंतर्गत संवाद कार्यक्रम का किया गया आयोजन

किशनगंज

जिले में 17 से 20 नवबंर तक मनाए जा रहे विश्व बाल दिवस के अवसर पर महिला व बाल विकास निगम ने कार्यक्रम का आयोजन किया. इसमें बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना के तहत बुधवार को स्थानीय प्रताप मध्य विद्यालय लाइन में बालिकाओं के बीच संवाद द्वीप प्रज्वलित कर किया गया. कार्यक्रम का उद्देश्य बालिकाओं, आत्मविश्वास तथा नेतृत्व क्षमता का विकास करना था. संवाद कार्यक्रम में विद्यालय की बालक बालिकाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया. कार्यक्रम में मुख्य रूप से जिला प्रोग्राम पदाधिकारी आईसीडीएस, जिला प्रोग्राम पदाधिकारी, मध्याह्न भोजन, जिला प्रोग्राम पदाधिकारी, सर्व शिक्षा अभियान, जिला प्रोग्राम पदाधिकारी, स्थापना, बाल विकास परियोजना पदाधिकारी कोचाधामन एवं टेढ़ागाछ मुख्य रूप से उपस्थित थे. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला प्रोग्राम पदाधिकारी, आईसीडीएस ने बताया कि हमारी भारतीय संस्कृति में कहा गया है “यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते, रमन्ते तत्र देवताः.” यानि जहां नारी की पूजा होती है, वहीं देवता निवास करते हैं. परंतु दुख की बात है कि आज भी समाज के कई हिस्सों में बेटियों को वह सम्मान, वह अधिकार, और वह सुरक्षा नहीं मिल पाती जिसकी वे हकदार हैं.

बेटियां बोझ नहीं होतीं

बेटियां परिवार की शान होती हैं, समाज की पहचान होती हैं व देश की प्रगति की मुख्य आधारशिला होती हैं.

बेटियां डॉक्टर, इंजीनियर, वैज्ञानिक व सैनिक बनकर हर क्षेत्र में भारत का नाम रोशन कर रही हैं. यह तभी संभव है जब हम उन्हें सुरक्षित वातावरण, बराबरी का मौका और शिक्षा दें. “बेटी बचाओ” का मतलब है उन्हें गर्भ में मारने से बचाना, भेदभाव से बचाना, और हिंसा व अत्याचार से बचाना. और “बेटी पढ़ाओ” का अर्थ है उन्हें शिक्षित बनाना, आत्मनिर्भर बनाना और इतना मजबूत बनाना कि वे अपने सपनों को खुद पूरा कर सकें.

शिक्षित बेटी सिर्फ एक घर नहीं, बल्कि एक पूरा समाज बदल सकती है. संवाद कार्यक्रमों कार्यक्रम में सभी पदाधिकारी ने बेटियों की बेहतर भविष्य के लिए अपना-अपना मानत्व दिया एवं बालिकाओं से उनके सपनों से जुड़ी सभी सवालों का उत्तर दिया उक्त संवाद कार्यक्रम में मंच संचालन प्रीति कुमारी महिला पर्यवेक्षिका द्वारा किया गया, कार्यक्रम में जिला मिशन समन्वयक, केंद्र प्रशासक वन स्टॉप सेंटर, जेंडर विशेषज्ञ, प्राचार्य, शिक्षक एवं शिक्षिका मौजूद थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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AWADHESH KUMAR

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AWADHESH KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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